पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर गुणवत्ताहीन निर्माण और नालों की सफाई में लापरवाही पर उठाए सवाल
राजनांदगांव। शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने जिले के कलेक्टर को पत्र लिखकर नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली ही बारिश में शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति ने निगम प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है।
ओस्तवाल ने अपने पत्र में कहा कि निगम के कुछ अधिकारियों, सब इंजीनियरों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत के कारण नाला-नाली सहित अन्य विकास कार्यों में गुणवत्ता का अभाव रहा है। इसका खामियाजा अब शहरवासियों को जलभराव और अव्यवस्था के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कन्हारपुरी, लखोली वार्ड, बसंतपुर, इंद्रानगर, गंज लाइन, जिला चिकित्सालय परिसर, तहसील कार्यालय, कैलाश नगर और मोहारा रोड सहित कई क्षेत्रों में पहली बारिश के दौरान ही जलभराव की स्थिति बन गई।
ओस्तवाल का कहना है कि नगर निगम द्वारा बारिश से पहले नालों-नालियों की सफाई के लिए जेसीबी मशीनों से अभियान चलाने का दावा किया गया था, लेकिन यदि वास्तव में प्रभावी सफाई हुई होती तो शहर के विभिन्न वार्डों में इस तरह पानी नहीं भरता।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ गुणवत्ताहीन निर्माण एवं नालों की सफाई में लापरवाही की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि अभी पूरे बारिश का मौसम बाकी है और यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ओस्तवाल ने पत्र में यह भी कहा कि जनता के हित में प्रशासन को सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से शहरवासियों को राहत मिल सके।
