Messi In Bengal: कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में अफरा-तफरी, आयोजक गिरफ्तार, ममता बनर्जी ने मांगी माफी
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में फुटबॉल प्रेमियों के लिए यादगार बनने वाला दिन अव्यवस्था और अफरा-तफरी में बदल गया। साल्ट लेक स्थित विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन, जिसे आम तौर पर साल्ट लेक स्टेडियम कहा जाता है, वहां विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर लियोनेल मेसी से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान हालात अचानक बेकाबू हो गए। भारी संख्या में जुटे प्रशंसकों की भीड़, कमजोर प्रबंधन और सुरक्षा में चूक ने पूरे आयोजन को संकट में डाल दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और अंततः मुख्य आयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, मेसी की एक झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में फैंस स्टेडियम पहुंचे थे। हालांकि, कार्यक्रम के संचालन में भारी कुप्रबंधन सामने आया। टिकट व्यवस्था, प्रवेश नियंत्रण और सुरक्षा इंतजाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। जैसे ही यह साफ हुआ कि मेसी को देखने का अवसर सीमित है, वैसे ही प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोग सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए मैदान के अंदर घुस गए, जिससे हालात पूरी तरह अराजक हो गए। इसी अव्यवस्था के चलते लियोनेल मेसी को मात्र 22 मिनट के भीतर ही स्टेडियम छोड़ना पड़ा।
इस पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। एडिशनल डायरेक्टर जनरल (लॉ एंड ऑर्डर) जावेद शमीम ने बताया कि अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुप्रबंधन के चलते एफआईआर दर्ज की गई है और कार्यक्रम के मुख्य आयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आयोजकों की ओर से टिकट का पैसा लौटाने का आश्वासन भी दिया गया है, हालांकि यह प्रक्रिया कैसे और कब पूरी होगी, इसकी जांच की जा रही है।
इस घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान भी सामने आया है। उन्होंने पूरे मामले पर नाराजगी जाहिर करते हुए लियोनेल मेसी, उनके प्रशंसकों और देश-विदेश के सभी खेल प्रेमियों से माफी मांगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए साल्ट लेक स्टेडियम जा रही थीं, लेकिन उससे पहले ही हालात बिगड़ चुके थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का भी ऐलान किया है। यह समिति सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति असीम कुमार रे की अध्यक्षता में काम करेगी। समिति में गृह विभाग के मुख्य सचिव और पर्वतीय मामलों के विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सदस्य बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा और प्रबंधन के मानकों से कोई समझौता न हो।
कोलकाता, जिसे ‘सिटी ऑफ जॉय’ और भारत की फुटबॉल राजधानी भी कहा जाता है, वहां मेसी का यह दौरा फुटबॉल प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक हो सकता था। लेकिन अव्यवस्था और लापरवाही ने इस खुशी को निराशा में बदल दिया। स्टेडियम के अंदर फैली अफरा-तफरी ने न केवल प्रशंसकों को निराश किया, बल्कि राज्य की आयोजन क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए।
फिलहाल, पुलिस की कार्रवाई जारी है, जांच समिति अपना काम शुरू करने वाली है और सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सच्चाई सामने लाई जाएगी। फुटबॉल प्रशंसक अब यही उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में जब भी कोई अंतरराष्ट्रीय खेल सितारा भारत आए, तो उसका स्वागत बेहतर तैयारी और सम्मानजनक व्यवस्था के साथ किया जाए।






