छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

“क्या स्वदेशी मेला जैसे कार्यक्रम में विदेशी संस्था (लायंस क्लब) से जुड़े पदाधिकारी कमान संभाल सकते हैं?”

राजनांदगांव।स्टेट स्कूल मैदान राजनांदगांव में आयोजित होने वाले स्वदेशी मेला 2026 को लेकर गठित आयोजन समिति में लायंस क्लब से जुड़े कई सामाजिक कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी बनाए जाने को लेकर शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
22 से 28 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इस स्वदेशी मेले के उद्घाटन समारोह सहित विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी जिन पदाधिकारियों को सौंपी गई है, उनमें लायंस क्लब से जुड़े व्यक्तियों के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। आयोजन समिति की सूची सार्वजनिक होने के बाद इसे लेकर सामाजिक और नागरिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

स्वदेशी मेला का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत, देशी उत्पादों और भारतीय विचारधारा को बढ़ावा देना होता है। ऐसे मंच पर यदि विदेशी मूल की संस्था Lions Clubs International से जुड़े लोगों को पदाधिकारी बनाया जाता है, तो यह कानूनी रूप से भले ही गलत न हो,लेकिन वैचारिक रूप से प्रश्न खड़े करता है स्वदेशी सोच के अनुरूप बेहतर होता कि आयोजन की कमान स्थानीय, स्वदेशी संगठनों और कार्यकर्ताओं के हाथों में होती, ताकि मेले के मूल उद्देश्य और संदेश पर कोई भ्रम न रहे।


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि Lions Clubs International एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की सेवा संस्था है, जो भारत सहित कई देशों में सामाजिक कार्य करती है। ऐसे में स्वदेशी मेला जैसे कार्यक्रम, जो आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी विचारधारा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है, उसमें लायंस क्लब से जुड़े पदाधिकारियों की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं।


हालांकि, आयोजन समिति से जुड़े कुछ लोगों का तर्क है कि संबंधित पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उनकी नियुक्ति अनुभव व प्रबंधन क्षमता को देखते हुए की गई है, न कि किसी संस्था विशेष के प्रतिनिधि के रूप में।
स्वदेशी मेला आयोजन समिति में लायंस क्लब से जुड़े लोगों को दायित्व सौंपे जाने को लेकर फिलहाल आधिकारिक रूप से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर चर्चा और बहस का विषय जरूर बना हुआ है।
अब देखना होगा कि इस विषय पर आयोजन समिति या संबंधित विभाग की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने आता है या नहीं।

लेकिन स्वदेशी मेला होने से सवाल क्यों उठता है?

स्वदेशी मेला का उद्देश्य होता है:
आत्मनिर्भर भारत
देशी उत्पाद
भारतीय विचारधारा
स्थानीय उद्योग, संस्कृति और स्वदेशी संगठन
ऐसे में जब:
किसी विदेशी मूल की संस्था
या उससे जुड़े पदाधिकारी
आयोजन की कमान संभालते हैं
तो यह सवाल स्वाभाविक है:
“क्या स्वदेशी मंच पर विदेशी पृष्ठभूमि वाली संस्था का प्रभाव उचित है?