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Delhi School Hybrid Mode GRAP-4 लागू: कक्षा 9वीं और 11वीं तक स्कूल हाइब्रिड मोड में, जहरीली हवा से बच्चों की सेहत पर खतरा

हमारे स्पेशल बुलेटिन में। आज 14 दिसंबर 2025 है, और दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राजधानी की हवा जहरीली हो चुकी है, AQI ‘सीवियर प्लस’ कैटेगरी में 450 से ऊपर दर्ज किया गया है। इसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कल ही GRAP स्टेज-4 लागू कर दिया है, और इसके तहत दिल्ली के स्कूलों में बड़ा बदलाव किया गया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि क्या है यह नया निर्देश और इसका असर क्या होगा।

दिल्ली में प्रदूषण थमने का नाम नहीं ले रहा। कल शाम तक AQI 446 तक पहुंच गया था, और आज सुबह कई इलाकों में यह 490 के पार दर्ज हुआ। रोहिणी, जहांगीरपुरी, विवेक विहार जैसे क्षेत्रों में AQI सबसे खराब रहा। धीमी हवाओं, स्थिर वातावरण और ठंड के कारण प्रदूषक फैल नहीं पा रहे, जिससे स्मॉग की मोटी चादर छा गई है। CPCB के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI आज सुबह 461 तक पहुंचा, जो ‘सीवियर’ कैटेगरी में है। इस स्थिति को देखते हुए CAQM ने GRAP-4 के सभी प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं।

अब मुख्य खबर शिक्षा विभाग से। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने कल 13 दिसंबर को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, एनडीएमसी, एमसीडी, दिल्ली छावनी बोर्ड और प्राइवेट मान्यता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि कक्षा 9वीं और 11वीं तक की कक्षाएं हाइब्रिड मोड में चलाई जाएं। यानी फिजिकल और ऑनलाइन दोनों तरीके से क्लासेस होंगी, जहां ऑनलाइन संभव हो। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू है और अगले आदेश तक जारी रहेगा।

सर्कुलर में साफ कहा गया है कि ऑनलाइन मोड चुनने का अधिकार छात्रों और उनके अभिभावकों के पास होगा। स्कूलों को फिजिकल क्लासेस जारी रखनी हैं, लेकिन बच्चों को घर से ऑनलाइन पढ़ने की छूट है। कक्षा 10वीं और 12वीं की क्लासेस सामान्य रूप से फिजिकल मोड में चलेंगी, क्योंकि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखा गया है। सभी स्कूल प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि यह जानकारी तुरंत अभिभावकों तक पहुंचाएं। साथ ही, शिक्षा निदेशालय के अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे ताकि निर्देशों का पालन सुनिश्चित हो।

यह फैसला GRAP-4 के तहत लिया गया है, जो सबसे सख्त स्तर है। GRAP-4 में कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन पूरी तरह बैन है, नॉन-एसेंशियल ट्रकों की एंट्री रोकी गई है, और प्राइवेट ऑफिसेस में 50% स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम करना अनिवार्य है। पहले GRAP-3 में प्राइमरी क्लासेस तक हाइब्रिड मोड था, लेकिन अब प्रदूषण बढ़ने से इसे ऊपरी क्लासेस तक बढ़ा दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सेहत को ध्यान में रखकर यह कदम जरूरी था, क्योंकि जहरीली हवा से सांस की बीमारियां, आंखों में जलन और अन्य समस्याएं बढ़ रही हैं।

दर्शकों, अभिभावकों से अपील है कि बच्चों को बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनाएं, और अगर संभव हो तो ऑनलाइन क्लासेस चुनें। बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक हवा की गति कम रहेगी, इसलिए AQI में सुधार मुश्किल है। CAQM सभी एजेंसियों से सख्ती से पालन करवा रहा है।