Site icon

CG : राज्य शासन ने वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन सुनिश्चित करने जारी किया निर्देश

खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि

बालोद, राज्य शासन द्वारा वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्तमान में मितव्ययिता के उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है। जिसके अंर्तगत मुख्यमंत्री,  मंत्रीगण,  समस्त निगम,  मण्डल, आयोग के पदाधिकारियों के कारकेड वाहनों में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग करने एवं अन्य शासकीय संसाधनों का संयमित उपयोग सुनिश्चित की जाए। इसी तरह राज्य के समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए।

पेट्रोल, डीजल के व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए। एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले विभागों के अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग की व्यवस्था लागू की जाए। इसी तरह अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर, राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों के विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। अनिवार्य होने पर समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी का पूर्वानुमोदन आवश्यक होगा। भौतिक बैठक यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जाए। भौतिक रूप से बैठकों के आयोजन के स्थान पर वर्चुअलध्ऑनलाइन मोड में होने वाली बैठकों को प्रोत्साहित किया जाए। विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएं।

कार्यालयीन समय के पश्चात सभी विद्युत उपकरणों (लाइट, पंखे, ए.सी., कंप्यूटर) को अनिवार्य रूप से बंद किया जाए। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी को रोकने हेतु आवश्यक उपाय किये जाये। इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (पीडीएफ, पीपीटी आदि) का उपयोग किया जाए। कार्यालयीन पत्राचार और नस्तियों का संचालन अनिवार्य रूप से ई ऑफिस के माध्यम से किया जाए ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कटौती हो सके। इस हेतु आई गोट कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग किया जाए। समस्त विभाग अपने विशिष्ट प्रशिक्षण कोर्सेस को इस पोर्टल पर अपडेट करें ताकि भौतिक प्रशिक्षण की आवश्यकता न्यूनतम हो सके। उक्त निर्देश 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इसके साथ ही इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

Exit mobile version