बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। रामचंद्रपुर विकासखंड के अंतर्गत कन्हर और पांगन नदी किनारे अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो पोकलेन मशीन जब्त की गई हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, रामचंद्रपुर विकासखंड के धौली लिबरा गांव में कन्हर नदी किनारे औचक निरीक्षण के दौरान एक पोकलेन मशीन अवैध रूप से रेत उत्खनन में लगी हुई पाई गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मशीन को तुरंत जब्त कर लिया। वहीं दूसरी कार्रवाई पांगन नदी क्षेत्र में की गई, जहां भी नियमों के विपरीत मशीन से रेत उत्खनन पाया गया।
खनिज अधिकारी राहुल गुलाटी ने बताया कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पचावल क्षेत्र में स्वीकृत रेत खदानों के बावजूद नियमों का उल्लंघन कर मशीनों से अवैध उत्खनन किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर लगातार निगरानी और निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ स्थानों पर बिना अनुमति के रेत का भंडारण और परिवहन किया जा रहा था। इससे पहले पचावल क्षेत्र में अवैध रेत खनन के लिए रैंप और रास्ता बनाने के मामले में एक जेसीबी मशीन जब्त की गई थी। साथ ही वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पक्ष से 1 लाख रुपये की पेनल्टी भी वसूली गई थी।
इसके अलावा अवैध रेत भंडारण के मामले में एक जेसीबी और एक हाइवा वाहन को भी जब्त किया गया था, जिनसे 42 हजार 850 रुपये की वसूली की गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज विभाग की कार्रवाई केवल कन्हर और पांगन नदी तक सीमित नहीं है, बल्कि राजपुर, बरियों और शंकरगढ़ क्षेत्र की महान और गलफूला नदी में भी लगातार निगरानी की जा रही है। मई 2026 में अब तक अवैध रेत परिवहन में शामिल 19 वाहनों को जब्त किया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 152 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 142 मामलों का निराकरण करते हुए 35 लाख रुपये से अधिक की वसूली की गई है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 12 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 6 मामलों का निराकरण कर लगभग 1 लाख 78 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि नदी क्षेत्रों में निगरानी और बढ़ाई जाएगी ताकि प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट को रोका जा सके। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन में शामिल लोगों में डर का माहौल देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया है और इसे आवश्यक कदम बताया है।

