मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने करीब 14 साल (5000 दिन से अधिक) बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट मैच जीता है। हालांकि पांच मैचों की एशेज सीरीज ऑस्ट्रेलिया 3-1 से जीत चुका है, लेकिन इंग्लैंड की यह जीत उनके ‘व्हाइटवॉश’ (5-0) के सपने को तोड़ने के लिए काफी है।
क्या हुआ मैच में?
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह फैसला सही साबित हुआ और जोश टोंग की धारदार गेंदबाजी (5 विकेट) के सामने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी महज 152 रन पर समेट दी गई। हालांकि, इंग्लैंड भी बेहतर नहीं कर पाई और वह सिर्फ 110 रन बना सकी, जिससे ऑस्ट्रेलिया को 42 रन की बढ़त मिली।
लेकिन दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया का बल्लेबाजी क्रम फिर से फ्लॉप हो गया और पूरी टीम 132 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह इंग्लैंड को जीत के लिए 175 रनों का लक्ष्य मिला।
इंग्लैंड ने पीछा करते हुए शुरुआत में ही दबाव बना लिया। ज़ैक क्रॉली और बेन डकेट ने मजबूत शुरुआत दी। बाद में, हैरी ब्रूक (पहली पारी में 41, दूसरी में 18) और जेमी स्मिथ ने महत्वपूर्ण योगदान देकर टीम को 4 विकेट के नुकसान पर यादगार जीत दिला दी। स्टीव स्मिथ ने मानी हार, हैरी ब्रूक को दिया श्रेय ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने साफ तौर पर कहा कि इंग्लैंड ने उन्हें पूरी तरह पछाड़ दिया। उन्होंने खासतौर पर हैरी ब्रूक की आक्रामक पारी को जीत की बड़ी वजह बताया।
स्मिथ ने कहा, “हम हर मैच जीतना चाहते थे, लेकिन इंग्लैंड ने बहुत अच्छा खेला। खासकर ब्रूक ने विकेट पर दौड़-भाग कर और अलग शॉट खेलकर हमारी गेंदबाजी की लंबाई बिगाड़ दी। उस विकेट पर वही सबसे सफल बल्लेबाज रहे।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया की टीम अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर सकती है, लेकिन मुश्किल पिच पर आक्रामकता और डटकर खेलने के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था।
क्या ऑस्ट्रेलिया को रणनीति बदलनी चाहिए?
स्मिथ ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऑस्ट्रेलिया थोड़ी ज्यादा आक्रामक रणनीति अपनाने पर विचार कर सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि आक्रामकता और धैर्य के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। अगर कुछ साझेदारियां लंबी चल जातीं, तो गेंद नरम होती और बल्लेबाज़ी आसान हो सकती थी। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। दोनों टीमें 50 ओवर के भीतर ही ऑलआउट हो गईं।”
