राजनांदगांव। राजनांदगांव में भाजपा से जुड़े एक युवा नेता का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वायरल ऑडियो में स्वेच्छा अनुदान की राशि को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के नाम पर स्वीकृत राशि में गड़बड़ी की गई और कथित तौर पर रकम का हिस्सा खुद मांग कर रख लिया?
ऑडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि राशि का हिस्सा ऊपर तक नेताओं को देना पड़ता है। हालांकि इस वायरल ऑडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामला सामने आने के बाद शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि गरीबों के लिए मिलने वाली स्वेच्छा अनुदान राशि आखिर किसके हाथों में जा रही है? क्या जरूरतमंदों को पूरा लाभ मिल रहा है या फिर बीच में ही राशि की बंदरबांट हो रही है?
इस पूरे मामले की सच्चाई क्या है, वायरल ऑडियो में किए गए दावों में कितना दम है और किन लोगों की भूमिका सामने आ सकती है—इसका खुलासा जल्द होगा
वायरल ऑडियो और आरोपों की पुष्टि पार्टी स्तर पर जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
Kadwaghut उक्त ऑडियो की पुष्टि नहीं करते हैं…

