• CG : उरला में पिस्टल के साथ हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद आमीर उर्फ बद्री गिरफ्तार…

    रायपुर । थाना उरला थाना क्षेत्र में अवैध हथियार लेकर घूम रहे हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद आमीर उर्फ बद्री को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी को बीरगांव दुर्गानगर स्थित एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स के पास पकड़ा गया। सूचना मिलने पर थाना उरला पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पिस्टल रखने संबंधी वैध दस्तावेज मांगने पर आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा।

    दो दर्जन से अधिक अपराध दर्ज
    मोहम्मद आमीर थाना उरला का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ थाना माना, मौदहापारा, खमतराई और उरला में मारपीट, बलवा, लूट, हत्या के प्रयास समेत करीब दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में कई मामलों में जेल भी जा चुका है और उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई भी की जा चुकी है।

    आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
    आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 66/26 के तहत धारा 25 आर्म्स एक्ट में मामला पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई है।

    यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उरला के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।

    पुलिस ने अवैध हथियार रखने और उसकी खरीदी-बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है।

  • CG : जिला चिकित्सालय बेमेतरा : 100 बिस्तरीय मातृ व शिशु अस्पताल में प्रीमेच्योर शिशु का सफल उपचार…

    बेमेतरा । जिला चिकित्सालय बेमेतरा में संचालित एस.एन.सी.यू. नवजात शिशु के लिए जीवनदाई साबित हो रहा है, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ लोकेश साहू के नेतृत्व में संचालित यह एस एन सी यू विभाग में अभी तक लगभग 1500 से अधिक नवजात शिशुओं का सफल ईलाज किया जा चूका है।

    इनमें नवजात जन्म के पश्चात कई गंभीर बिमारीयों जिनमें प्रमुख रूप से जन्म के पश्चात तुरन्त न रोना या देर से रोना, मीकोनियम एसपिरेशन, पीलिया श्वास नली में दिक्कत शॉक मस्ष्तिक संबधित गंभीर तकलीफ कन्जेनाईटल मॉलफारमेशन हाईपरथर्मिया, हाईपोग्लाशिमिया बच्चे को झटका आना ब्लीडिंग डाइरिया सॉस लेने में तकलीफ आदि कई बिमारियो के कारण एस.एन.सी.यू. में नवजात शिशु को भर्ती कर ईलाज किया जाता है, इनमें से प्रमुख बच्चों के भर्ती होने का कारण होता है प्रिमेच्योर व कम वजन का होना जिसमें समय से पूर्व प्रसव है इन बच्चो को बचा पाना बहूत ही मुश्किल होता है।

    ऐसे बच्चों को लंबे समय तक एक अच्छे केयर की जरूरत होती है इसमें माताओं को भी एस.एन.सी.यू. में मदर यूनिट में रखकर निरंतर बच्चों के सही देखभाल के विषय में काउंसिलिग कर यह समझाया जाता है कि ऐसे नवजात को कैसे दूध पिलाना है, दूध पिलाने के बाद डकार दिलाने का महत्व कंगारू मदर केयर (के.एम.सी.) आदि कैसे दिया जाना है।

    बताया जाता है जिससे नवजात का सही व टारगेटेट वजन कैसे बढ़े निर्भर करता है। एस.एन.सी.यू.में अब तक लगभग 159 प्रिमैच्योर व कम वजन के बच्चे भर्ती हुए जिनका डॉ. दीपक कुमार निराला शिशु रोग विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित स्टॉफ द्वारा उनका सफल ईलाज देखभाल कर डिस्चार्ज किया गया, अगर एस.एन.सी.यू. में अब तक संपूर्ण भर्ती की बात करे तो अब तक एस.एन.सी.यू. में लगभग 1500 बच्चे अन्य अलग-अलग बिमारियों के कारण भर्ती कर ईलाज किए जा चुके है।

    इसी प्रकार एस.एन.सी.यू. मे बेबी ऑफ वामिनी बारले पिता बालक दास बारले (ग्राम, डगनिया ब्लॉक बेरला जिला बेमेतरा) अपने कम वजन के कारण जिसका वजन मात्र 0.900 ग्राम था भर्ती किया गया था जो कि एस.एन.सी.यू. जनवरी 6 को भर्ती हुआ था और लगभग एक माह तक एस.एन.सी.यू. में भर्ती था व अतंतः नवजात छुट्टी के समय 1.530 ग्राम वजन का हो चुका था इसी प्रकार से जिला चिकित्सालय में संचालित एस.एन.सी.यू. में ऐसे कई गंभीर बिमारियों का सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू के नेतृत्व पर डॉ. दीपक कुमार निराला के द्वारा सफल ईलाज किया जा रहा है। वर्तमान में एम सी एच में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नीतेश चौबे के आने पर बच्चों के ईलाज सुविधा से क्षेत्र में बेमेतरा जिला वासियों को शिशु रोग के इलाज सुविधा में बढ़ोत्तरी हुई है।

    स्वच्छता का रखा जाता है विशेष रूप से ध्यान :

    सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू ने बताया कि मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती होने वाले गर्भवती महिलाओं,प्रसव कक्ष,बच्चों को लेकर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है जिससे जच्चा बच्चा को किसी प्रकार के संक्रमण का सामना न करना पड़े इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी स्वच्छता गाइडलाईन तहत कार्य संपादित किया जाता है।

  • CG : भारत की जनगणना 2027 के सफल संचालन हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण…

    बेमेतरा । भारत की जनगणना 2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए देशभर में जिला स्तर पर अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हो चुका है। इसी क्रम में आज जिलाधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ। राज्य जनगणना निदेशालय रायपुर से आई प्रशिक्षक टीम द्वारा जनगणना कार्य हेतु नियुक्त जिला स्तरीय अधिकारियों एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को विस्तृत एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

    राज्य मुख्यालय रायपुर से आए प्रशिक्षक सुष्मिता स्वान एवं शुभम कुशवाहा ने अधिकारियों को जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा फील्ड संचालन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़े कानूनी प्रावधान, गोपनीयता, डेटा सुरक्षा और कार्य की संवेदनशीलता पर विशेष बल दिया गया।

    पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027 :

    प्रशिक्षण में बताया गया कि यह जनगणना भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। इस बार कागज आधारित पारंपरिक प्रणाली के स्थान पर आधुनिक डिजिटल टूल्स का उपयोग किया जाएगा, जिससे आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और त्वरित संकलन सुनिश्चित किया जा सके।

    दो चरणों में संपन्न होगा कार्य :

    अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना कार्य दो चरणों में सम्पन्न किया जाएगा प्रथम चरण (1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक) : मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य। द्वितीय चरण (फरवरी-मार्च 2027) : जनसंख्या की वास्तविक गणना।

    प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रथम चरण में प्रत्येक भवन एवं आवासीय इकाई का विवरण संकलित किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी दर्ज की जाएगी। जनगणना कार्य के लिए अधिकारियों को मोबाइल एप्लिकेशन, CMMS (Census Management & Monitoring System) पोर्टल तथा HLBC (Houselisting Block Creator) वेब पोर्टल के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से डेटा प्रविष्टि, निगरानी, ब्लॉक निर्माण एवं प्रगणकों की कार्यप्रणाली का संचालन किया जाएगा। इस बार जनगणना में स्व-गणना (सेल्फ ऐनुमैरेशन ) का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, जिसके अंतर्गत नागरिक स्वयं पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। घर-घर भ्रमण के दौरान प्रगणक द्वारा उस जानकारी का सत्यापन एवं अनुमोदन किया जाएगा। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि इस जनगणना में जाति आधारित डेटा संग्रह को भी शामिल किए जाने की संभावना है, जिससे सामाजिक संरचना से संबंधित व्यापक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।

    जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील : कलेक्टर

    कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता एवं प्राथमिकता के साथ लें तथा सभी बिंदुओं को भली-भांति समझें। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है और यह देश के विकास एवं अधोसंरचना विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्र की आर्थिक स्थिति एवं सामाजिक संरचना से संबंधित सबसे व्यापक और प्रामाणिक डेटा स्रोत है। प्रशासनिक निर्णयों, नीति निर्धारण, विकास परियोजनाओं की रूपरेखा, लोकसभा एवं विधानसभा सीटों के परिसीमन तथा शासकीय निधियों के न्यायसंगत वितरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, रोजगार एवं अन्य बुनियादी सेवाओं की प्रभावी योजना बनाई जाती है। अतः सभी अधिकारी इस कार्य को पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ संपादित करें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेमलता पद्माकर, ड्यूटी कलेक्टर दीप्ति वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार त्यौहार और खेती के लिए समय पर मिली धान की अंतर राशि…

    अम्बिकापुर । होली के रंगों में सराबोर होने से पहले सरगुजा जिले के किसानों के लिए खुशियों की एक बड़ी खेप पहुँची है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा श्कृषक उन्नति योजना के तहत धान की अंतर राशि का अंतरण सीधे बैंक खातों में किए जाने से जिले के अन्नदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला है।त्यौहार से ठीक पहले मिली धान की अंतर राशि ने किसानों की होली को और भी खास बना दिया है।

    बच्चों की शिक्षा और खेती में करेंगे राशि का उपयोग : किसान अमर नाथ

    अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम सपना निवासी अमर नाथ सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्होंने इस खरीफ वर्ष में लगभग 37 क्विंटल धान का विक्रय किया था। आज उनके मोबाइल पर 27 हजार 465 रुपये की अंतर राशि प्राप्त होने का मैसेज आया है उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री जी ने होली से पहले यह राशि भेजकर हमारी बड़ी चिंता दूर कर दी है। अब मैं इन पैसों का उपयोग अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा और आगामी खेती की तैयारी में करूँगा।

    छोटे किसानों के लिए बना बड़ा सहारा : विजय राजवाड़े

    इसी प्रकार ग्राम कंठी के लघु कृषक विजय राजवाड़े, जो एक एकड़ में खेती करते हैं, उनके लिए भी यह योजना वरदान साबित हुई है। उन्हें आदान सहायता राशि के रूप में 14 हजार 770 रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया, ष्त्यौहार के ऐन वक्त पर इतनी बड़ी राशि मिलना हमारे लिए बड़ी राहत है। अब परिवार के साथ होली का उत्सव और भी धूमधाम से मना पाएँगे। सरकार ने सही समय पर सही फैसला लेकर हम छोटे किसानों का मान बढ़ाया है।

    किसानों में दिखा उत्साह का माहौल :

    जिले के अलग-अलग ग्राम पंचायतों से आए अनेक किसानों ने मोबाइल पर क्रेडिट मैसेज के नोटिफिकेशन मिलते ही किसान एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिले के 52 हजार 553 किसानों के खातों में 237 करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण किया गया है, जिससे जिले के अन्नदाताओं में खुशी का माहौल है।

  • Rajnandgaon: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल आएंगे राजनांदगांव, महापौर ने आयोजन स्थल का किया  निरीक्षण ….

    डोंगरगांव, 01 मार्च। राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित कबीरमठ धाम नादिया में कल (01 मार्च) आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन एवं फाल्गुन महोत्सव में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 12 बजे शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन श्री कबीर साहेब मठ ट्रस्ट एवं समस्त ग्रामवासी नादिया के तत्वावधान में किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री के साथ इस भव्य आयोजन में सांसद संतोष पांडे, राजनांदगांव महापौर मधुसूदन यादव, भाजपा के वरिष्ठ नेता दिनेश गांधी, क्षेत्रीय विधायक भोलाराम साहू एवं दलेश्वर साहू भी उपस्थित रहेंगे।

    तीन दिवसीय संत सम्मेलन का भव्य शुभारंभ

    कबीरमठ धाम नादिया के धर्माधिकारी सत्येंद्र साहेब एवं सचिव गिरवर दास ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिवसीय संत सम्मेलन के प्रथम दिवस सद्गुरु कबीर साहेब की पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। देशभर से आए संत-महात्माओं एवं कबीरपंथी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई है।

    मठ के वर्तमान पीठाधीश्वर एवं ट्रस्ट अध्यक्ष नादवंशाचार्य मंगल साहेब ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सत्संग का लाभ लेने की अपील की है।

    तैयारियां पूरी, महापौर ने किया पूर्व निरीक्षण

    मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक दिन पहले महापौर मधुसूदन यादव डोंगरगांव पहुंचे। उन्होंने आयोजन स्थल एवं हैलिपेड स्थल का निरीक्षण कर प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही मठ के पदाधिकारियों के साथ आयोजन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की। निरीक्षण उपरांत वे देर शाम राजनांदगांव मुख्यालय लौटे और मीडिया को मुख्यमंत्री के आगमन की जानकारी दी।

    श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश

    अखिल भारतीय कबीर संत सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और संत परंपरा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। फाल्गुन महोत्सव के अवसर पर भक्ति, संगीत और सत्संग का विशेष वातावरण बना हुआ है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है।

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  • Rajnandgaon: आरके नगर चौक पर सड़क हादसा: तीन वाहनों की टक्कर, चालक घायल

    राजनांदगांव के आरके नगर चौक सिग्नल के पास शनिवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो हाईवा आपस में जोरदार टक्कर के बाद एक कार से भी भिड़ गए, जिससे तीन वाहनों की टक्कर हो गई।

    हादसे में एक हाईवा का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। बताया जा रहा है कि हाईवा का चालक केबिन में फंस गया, जिसे बाहर निकालने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। चालक घायल बताया जा रहा है।

    मौके पर पुलिस बल पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। आसपास के लोगों की भीड़ भी घटनास्थल पर जमा हो गई थी।

    फिलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है

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  • CG : अन्नदाता के पसीने की हर बूंद का मोल दे रही छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना

    रायपुर, 27 फरवरी 2026

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि अन्नदाताओं का पसीना सूखने से पहले ही उनके मेहनत का मोल मिलना चाहिए। मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए सुशासन की राह पर चलने वाली साय सरकार ने कृषक उन्नति योजना के माध्यम से इस कथन को मूर्त रूप दिया है। अभी होली त्योहार आने को है और किसान भाईयों की मेहनत की एक-एक पाई उन्हें मिल गई है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 28 फरवरी को बिल्हा ब्लॉक के ग्राम रहंगी में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के अन्नदाताओं को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से धान के मूल्य की अंतर राशि 10 हजार 324 करोड़ रूपए के बैंक खातों में अंतरित करेंगे। यह राशि राज्य के 25 लाख 28 हजार किसानों को मिलेगी। 

    साय सरकार ने लगातार एकमुश्त तीसरी बार यह राशि भुगतान करने जा रही है। इसको मिलाकर राज्य के अन्नदाताओं को कृषक उन्नति योजना के माध्यम से 35 हजार करोड़ रुपए का भुगतान पूरा हो जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार अपने वादे के मुताबिक कृषक उन्नति योजना के आदान राशि का भुगतान होली पर्व के ठीक पहले कर रही है। इसका मतलब यह है कि किसान भाइयों के फाग में कुछ और उत्साह के रंग घुल जाएंगे। होली में किसान भाइयों के साथ फगुआ रंग में स्वयं को रंगने मुख्यमंत्री भी बिल्हा जा रहे हैं।

    तीन बार की धान खरीदी और सरकार द्वारा दिये जा रहे अन्य प्रोत्साहनों को देखें तो किसान भाइयों को अब तक लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए की राशि दी गई है। धान के कटोरे में जबर्दस्त आर्थिक उफान लाने यह राशि कितनी सहायक हुई है इसका पता बजट के आंकड़ों से लगता है। इस बार प्रति व्यक्ति आय का जो अनुमान हुआ वो पिछले साल की तुलना में दस प्रतिशत अधिक है। जहां महंगाई लगभग 3 फीसदी की दर से बढ़ रही है और प्रति व्यक्ति आय इतनी तेजी से बढ़ रही है तो साफ है कि किसानों के लिए अपने खेत में निवेश के अवसर भी तेजी से सामने आ रहे हैं।

    कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को पूरे भारत में धान का सबसे अच्छा दाम मिल रहा है। यह स्वामीनाथन कमेटी की उन अनुशंसाओं के मुताबिक है, जो किसान भाइयों को उचित मूल्य देने की बात करते हैं। कृषक उन्नति योजना ने केवल किसान भाइयों को मजबूत आर्थिक स्थिति ही नहीं दी है इसने कृषि अर्थव्यवस्था की नींव को भी मजबूत करने का काम किया है।

    लागत की तुलना में कम रिटर्न और अत्याधिक श्रम के चलते किसानों का कृषि से हो रहे मोहभंग की स्थिति को कृषक उन्नति योजना ने पलट दिया है। जहां वर्ष 2022-23 में लगभग 23 लाख 42 हजार किसानों ने धान बेचा, वहीं इस बार 25 लाख 28 हजार किसान भाइयों ने धान बेचा। इस तरह लगभग दो लाख किसान इस योजना के आने के बाद खेती किसानी से जुड़ गए, यह बड़ा बदलाव है। 

    इस योजना का लाभ किसानों के साथ ही रेगहा, बटाईदारों, वनाधिकारपत्र धारकों, पब्लिक ट्रस्ट के लोगों तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को भी मिल रहा है इस प्रकार यह योजना समावेशी विकास का बड़ा आधार बन कर सामने आई है। कृषक उन्नति योजना ने किसानों को खेती पर निवेश करने की राह भी दिखाई है। प्रधानमंत्री जी ने जो जीएसटी रिफार्म्स किये, उससे सबसे ज्यादा लाभ किसानों को हुआ क्योंकि ट्रैक्टर सहित अन्य कृषि उपकरण सस्ते हो गये। कृषक उन्नति योजना ने इनका लाभ उठाने आवश्यक पूंजी किसानों को उपलब्ध कराई। कृषक उन्नति योजना ने धान के अलावा दलहन फसलों के लिए भी किसानों को प्रेरित किया, इस प्रकार फसल वैविध्य को लेकर यह योजना आगे बढ़ती है।

    जब हमारे किसान मजबूत होते हैं तो हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है तो शहरी अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत होता है। छत्तीसगढ़ में जो तीव्र आर्थिक विकास देखा गया है उसके पीछे कृषक उन्नति योजना बड़ी वजह बनी है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच ने इस योजना को किसान भाइयों के लिए और उपयोगी बनाया। उन्होंने एक ही किश्त में पूरी राशि देने का निर्णय लिया। जब कोई भुगतान किश्तों में किया जाता है, तो उसका कोई ठोस लाभ नहीं उठाया जा सकता और इसके उन मदों में खर्च होने की आशंका बढ़ जाती है जो बहुत उपयोगी नहीं होते। एकमुश्त राशि मिलने से किसान भाइयों को सबसे जरूरी कामों में अपनी राशि खर्च करने का मौका मिलता है।

    कृषक उन्नति योजना वास्तव में मुख्यमंत्री श्री साय का किसानों से जुड़े एक बड़ा सरोकार का प्रमाण है। उन्होंने जब योजना की राशि देने का निर्णय लिया तो किसानों की खुशियों में प्रत्यक्ष भागीदार होने का निर्णय भी लिया। बिल्हा में आयोजित राज्य स्तरीय इस आयोजन के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री साय किसानों से प्रत्यक्ष रूप से तो जुड़ेंगे ही, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वे प्रदेश भर के किसानों से भी जुड़ेंगे। यह पहल किसानों से उनके गहरे स्नेह को व्यक्त करती है।

  • CG : वन आरक्षक सस्पेंड, नर्सरी में रंगरेलियां मनाते वीडियो हुआ था वायरल …

    सूरजपुर। जिले से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर निकलकर सामने आई थी। यहां एक वन आरक्षक की पिटाई करके उससे डांस करवाया गया था। वहीं अब इस मामले में संज्ञान लिया गया है।

    वन विभाग ने आरक्षक सुखदेव पैकरा को नोटिस जारी किया है। वन विभाग के DFO ने आरक्षक सुखदेव पैकरा को देवनगर बीट से हटाकर मुख्यालय में अटैच किया गया है। आरक्षक ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी अब तक विभाग को नहीं दी है। यह पूरा मामला सूरजपुर वन परिक्षेत्र के देवनगर इलाके का है।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, सूरजपुर वन परिक्षेत्र की देवनगर नर्सरी में कुछ युवकों ने मिलकर वन आरक्षक की पिटाई कर दी थी। आसपास खड़े लोग तमाशा देखते नजर आ रहे हैं, लेकिन कोई रोकने की कोशिश करता नहीं दिखता। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।

  • पीएम मोदी इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स वाले पहले विश्व नेता बने, ट्रंप समेत दुनिया के अन्य नेताओं को छोड़ा पीछे

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नया इतिहास रच दिया है। उनके आधिकारिक अकाउंट पर 100 मिलियन यानी 10 करोड़ फॉलोअर्स पूरे हो गए हैं। इस उपलब्धि के साथ वे इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स पाने वाले दुनिया के पहले नेता और राजनेता बन गए हैं।

    रम्प से दोगुने फॉलोअर्स, दुनिया के बड़े नेताओं से आगे

    इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या के मामले में पीएम मोदी अन्य वैश्विक नेताओं से काफी आगे हैं।

    • Donald Trump – 43.2 मिलियन
    • Prabowo Subianto – 15 मिलियन
    • Luiz Inácio Lula da Silva – 14.4 मिलियन
    • Recep Tayyip Erdoğan – 11.6 मिलियन

    दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के इन बड़े नेताओं के कुल फॉलोअर्स की संख्या भी मोदी के अकेले इंस्टाग्राम फॉलोअर्स से कम है।

    2014 से 2025 तक: 50 हजार से 10 करोड़ का सफर

    🔹 12 नवंबर 2014: इंस्टाग्राम पर एंट्री

    प्रधानमंत्री मोदी ने 12 नवंबर 2014 को इंस्टाग्राम जॉइन किया। उनकी पहली पोस्ट म्यांमार के नय पाई तॉ में आयोजित आसियान समिट से थी। कुछ ही घंटों में 50 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़ गए।

    🔹 2017-2018: 1 करोड़ का आंकड़ा पार

    इस अवधि में उन्होंने 10 मिलियन (1 करोड़) फॉलोअर्स पूरे किए और दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हो गए।

    🔹 2019-2020: 4 करोड़ तक पहुंचे

    दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने और कोविड-19 के दौरान लगातार संवाद के चलते 2020 तक फॉलोअर्स 40 मिलियन तक पहुंच गए।

    🔹 2021-2022: 7 करोड़ का मुकाम

    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की तस्वीरों व अभियानों से लोकप्रियता बढ़ी और 70 मिलियन फॉलोअर्स पूरे हुए।

    🔹 2023: 8 करोड़ फॉलोअर्स

    G20 और विदेश यात्राओं से जुड़ी पोस्ट काफी वायरल रहीं। फॉलोअर्स 80 मिलियन तक पहुंचे।

    🔹 जुलाई 2024: 9 करोड़ का आंकड़ा

    90 मिलियन फॉलोअर्स के साथ वे इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले राजनीतिक नेता बने।

    🔹 2025: 10 करोड़ की ऐतिहासिक उपलब्धि

    95 मिलियन पार करने के बाद 2025 में उनका अकाउंट 100 मिलियन तक पहुंच गया और ग्लोबल इन्फ्लुएंसर अकाउंट्स की सूची में शामिल हुआ।

    X पर भी 10 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भी पीएम मोदी की बड़ी मौजूदगी है।

    • X पर: 106.2 मिलियन फॉलोअर्स
    • इंस्टाग्राम पर: 100 मिलियन
    • फेसबुक पर: 54 मिलियन
    • व्हाट्सएप पर: 11.7 मिलियन

    X पर 100 मिलियन का आंकड़ा उन्होंने 2024 में ही पार कर लिया था।

    सोशल मीडिया पर सबसे मजबूत राजनीतिक ब्रांड

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया रणनीति, नियमित अपडेट, वैश्विक यात्राएं और जनसंवाद ने उन्हें डिजिटल दुनिया का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा बना दिया है।

    10 करोड़ इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के साथ उन्होंने न केवल भारत बल्कि विश्व राजनीति में भी डिजिटल प्रभाव का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

  • रायपुर : चिरायु दल ने लौटाई मासूम रंजना की मुस्कान

    शासन की योजना से दूर हुई आर्थिक तंगी और बेटी के भविष्य की चिंता

    रायपुर, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व चिरायु योजना में शून्य से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर समेत 44 की गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च शासन द्वारा उठाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग का चिरायु दल बच्चों की स्क्रीनिंग कर शासन को रिपोर्ट भेजता हैं, जिसके आधार पर बच्चों के इलाज के लिए फंड जारी होता है। ऐसे पात्र बच्चे जिनका इलाज निःशुल्क किया जाना है l

    बस्तर जिले के बकावण्ड ब्लॉक के ग्राम जामगुड़ा (धनपुर) में रहने वाले महेश भारती के घर जब बेटी रंजना का जन्म हुआ, तो खुशियों के साथ-साथ एक गहरी चिंता ने भी दस्तक दी। मासूम रंजना जन्मजात कलेफ्ट लिप (कटे होंठ) की समस्या से ग्रसित थी। जैसे-जैसे रंजना बड़ी हो रही थी, माता-पिता के मन में अपनी बेटी के भविष्य, उसकी पढ़ाई और समाज में उसे मिलने वाली स्वीकार्यता को लेकर डर गहराता जा रहा था। सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक तंगी थी। एक साधारण परिवार के लिए निजी अस्पतालों में ऑपरेशन का भारी-भरकम खर्च उठा पाना असंभव सा था, जिससे माता-पिता स्वयं को असहाय महसूस कर रहे थे।

    महेश भारती की इस मायूसी के बीच उम्मीद की पहली किरण 19 जून 2025 को तब जगी, जब चिरायु दल बकावण्ड की टीम आँगनबाड़ी केंद्र पहुँची। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान टीम ने रंजना की स्थिति को पहचाना और माता-पिता को ढांढस बंधाते हुए उसे जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र रेफर किया। इसके बाद की राह जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से आसान होती गई। 06 नवंबर 2025 को बच्ची को रायपुर के मेडिसाईन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ विशेषज्ञों ने रंजना का सफल ऑपरेशन किया।

    सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जाँच, ऑपरेशन और अस्पताल में रहने का समस्त खर्च शासन द्वारा वहन किया गया, जिससे महेश भारती का परिवार आर्थिक बोझ से मुक्त रहा। 13 फरवरी को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम फॉलो-अप के लिए पहुँची, तो रंजना को पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। बेटी के चेहरे की बनावट में आए इस सुखद बदलाव और उसकी खिलखिलाती मुस्कान ने माता-पिता के सालों पुराने डर को खत्म कर दिया है।

    शासन की इस कल्याणकारी योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए परिजनों ने बताया कि अब वे अपनी बेटी के सुनहरे और सामान्य भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।

  • राजनांदगांव में लगेगा विशाल महावीर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर – रायपुर के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे उपचार, दवा और ईसीजी की सुविधा…

    राजनांदगांव संस्कारधानी के नागरिकों के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है जहां दो दिवसीय महावीर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है जिसमें प्रदेश के अनुभवी और विशेषज्ञ चिकित्सक एक ही छत के नीचे अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे यह शिविर आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है जहां परामर्श से लेकर जांच और दवाई तक की सुविधा पूरी तरह निशुल्क रहेगी

    राजनांदगांव में लगेगा विशाल महावीर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर – रायपुर के विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे मुफ्त इलाज, दवा और ईसीजी की सुविधा

    दिनांक 28 फरवरी एवं 1 मार्च 2026
    समय प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक
    स्थान जैन बगीचा सदर बाजार राजनांदगांव

    इस शिविर में फ्री ओपीडी फ्री दवाइयां फ्री ईसीजी जांच तथा विभिन्न बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा उपलब्ध रहेगी

    एमडी मेडिसिन हड्डी रोग विशेषज्ञ दंत रोग विशेषज्ञ नेत्र रोग विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञ पेट रोग विशेषज्ञ हृदय रोग विशेषज्ञ चर्म रोग विशेषज्ञ बाल रोग विशेषज्ञ एवं एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ मरीजों को परामर्श देंगे

    राजनांदगांव में लगेगा विशाल महावीर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर – रायपुर के विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे मुफ्त इलाज, दवा और ईसीजी की सुविधा

    रायपुर के प्रतिष्ठित अस्पतालों के अनुभवी डॉक्टर इस शिविर में अपनी सेवाएं देंगे जिनमें पहलाजानी हॉस्पिटल, बाल गोपाल हॉस्पिटल, श्री वेंकटेश सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, मित्तल कैंसर अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों के चिकित्सक शामिल रहेंगे

    शुगर, बीपी, थायराइड से पीड़ित मरीज गर्भवती महिलाएं स्त्री रोग से परेशान महिलाएं हड्डी घुटने एवं जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोग बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी समस्या वाले अभिभावक, त्वचा एवं बालों की समस्या वाले मरीज तथा हृदय और नसों से जुड़ी समस्या वाले लोगों को विशेष रूप से इस शिविर में आकर लाभ लेना चाहिए

    आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने परिवार मित्रों तथा परिचितों को भी इसकी जानकारी दें ताकि कोई भी जरूरतमंद इस अवसर से वंचित न रह जाए.

    आयोजन श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक युवा मंडल, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) द्वारा किया जा रहा है तथा कार्यक्रम में सहयोग श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) का रहेगा।
    आयोजकों ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि स्वास्थ्य है सबसे बड़ी संपत्ति इसे ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ अवश्य उठाएं और अपने परिजनों व परिचितों को भी जानकारी देकर उन्हें भी लाभान्वित करें।

    मौका न चूकें — अपने स्वास्थ्य के लिए समय जरूर निकालें।

  • CG: बच्चों को मिल रहा पौष्टिक आहार विद्यालय की बगिया से

    रायपुर, 24 फरवरी 2026/ विद्यालय की बगिया से थाली तक एक अनूठी पहल है, जिसमें छात्र स्कूल परिसर में उगी ताजी, जैविक सब्जियां सीधे अपने मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) में खाते हैं। यह न केवल पौष्टिक आहार सुनिश्चित करता है, बल्कि छात्रों को प्रकृति, श्रम और खेती का व्यावहारिक ज्ञान भी देता है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं।

    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर के विद्यालयों में किचन गार्डन की एक अनूठी पहल बच्चों के पोषण और व्यावहारिक शिक्षा दोनों को नई दिशा दे रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला पतरापाली का किचन गार्डन पोषण सुदृढ़ीकरण का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। विद्यालय परिसर में शिक्षकों के मार्गदर्शन में विकसित इस बगीचे से नियमित रूप से ताज़ी एवं पौष्टिक सब्जियाँ प्राप्त हो रही हैं, जिन्हें मध्यान्ह भोजन में शामिल कर विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक किचन गार्डन से लगभग 4 किलोग्राम ताज़ी सेमी (फली) की तुड़ाई की।

    बच्चों ने स्वयं पौधों की देखभाल, सिंचाई, निदाई-गुड़ाई और तुड़ाई जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे उन्होंने श्रम का महत्व तो समझा ही, साथ ही कृषि एवं पर्यावरण के प्रति व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित किया। विद्यालय के शिक्षक योगेश साहू ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना, जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ना है। ताज़ी सब्जियों के उपयोग से मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है।

    विद्यालय परिवार का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में प्रकृति प्रेम, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करती हैं। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक कृष्णकुमार यादव, अनिता सिंह, योगेश साहू, रघुनाथ जायसवाल सहित अभिभावकगण एवं स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएँ बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। विद्यालय प्रशासन ने संकल्प व्यक्त किया है कि आगे भी किचन गार्डन में विभिन्न मौसमी सब्जियों की खेती जारी रखी जाएगी, ताकि बच्चों को पोषण और ज्ञान दोनों निरंतर मिलते रहें।

  • सफलता की कहानी – अकालू की जिंदगी आई बदलाव प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से

    रायपुर, 24 फरवरी 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे परिवारों को सहायता प्रदान करना है, जिनके पास पक्का मकान नहीं है और जो कच्चे या जर्जर मकानों में रह रहे हैं। छत्तीसगढ़ के कुछ ग्रामीण इलाकों में लोगों को अच्छा और पक्का मकान देने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की है। इस योजना से ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने में मदद मिलती है।

    जिला सूरजपुर के जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जजावल निवासी अकालू पिता भुवाली के जीवन में अब एक नई शुरुआत हुई है। कभी भटके रास्ते पर चले आत्मसमर्पित नक्सली अकालू ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आज शासन की जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उन्हें विशेष परियोजना के तहत आवास का निर्माण किया है, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दी है। आवास निर्माण के साथ ही अकालू और उनके परिवार के सपनों को पंख मिल गया हैं।

    अंकालू को कच्चे और असुरक्षित मकान में रहने की चिंता नहीं सताएगी। योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिली, जिससे अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकेगा। अकालू का कहना है कि शासन की इस पहल ने उन्हें समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास दिया है। आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास की दिशा में मिला यह सहयोग उनके लिए किसी नई सुबह से कम नहीं है।

    यह कहानी न केवल एक व्यक्ति के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सही मार्ग चुनने पर शासन हर कदम पर साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से जरूरतमंदों को आशियाना ही नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित भविष्य भी मिल रहा है।

  • अधोसंरचना, निवेश और क्षमता निर्माण पर आधारित विकास परक बजट

    रायपुर, 24 फरवरी 2026/छत्तीसगढ़ का वार्षिक बजट को विधान सभा में प्रस्तुत किया गया. बजट में सामान्यतः नीतिगत घोषणाएँ और वित्तीय प्रावधान प्रमुख होते हैं, किंतु वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का दृष्टिकोण अपनी क्रमिक और सुसंगत विकास-रचना के कारण विशिष्ट है । वर्ष 2024 में GYAN (क्षमता निर्माण), 2025 में GATI (अधोसंरचना के माध्यम से विकास में तेजी) और अब 2026 में SANKALP (मिशन-आधारित एकीकृत प्रयास) SANKALP के सात स्तंभ उस बजट की विकास-दिशा को आकार देते हैं, जो 5,000 करोड़ रूपए से बढ़कर 1,72,000 करोड़ रूपए तक, लगभग 35 गुना विस्तार प्राप्त कर चुका है।

    सामाजिक-आर्थिक और भौगोलिक समावेशन (समावेश)ः- उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में अधोसंरचना, शिक्षा और खेल सुविधाओं पर विशेष बल देते हुए यह बजट सुनिश्चित करना चाहता है कि इन क्षेत्रों के निवासी केवल विकास के लाभार्थी न रहें, बल्कि उससे संस्थागत रूप से जुड़कर विकास में भागीदार बनें। बजट में बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरणों को संयुक्त रूप से 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किए गए हैं। कृषि-आधारित एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 100 करोड़ रूपए की विशेष निवेश प्रोत्साहन योजना इन क्षेत्रों की उत्पादक संरचना को सुदृढ़ करने का प्रयास है।

    पिछड़े क्षेत्रों में सर्व-ऋतु सड़कों का निर्माण तथा मौजूदा सड़कों का उन्नयन एक क्रमबद्ध दृष्टिकोण को दर्शाता है। पहले पहुंच सुनिश्चित करना, फिर गुणवत्ता सुधारना। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना, जो पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे हैं, इस नीति-दृष्टि का स्पष्ट संकेत है। इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिससे संघर्ष-प्रभावित भू-भाग को शैक्षणिक केंद्रों में रूपांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है।

    अधोसंरचना- दीर्घकालिक विकास का सक्षमकारी ढांचा

    नगरीय क्षेत्रों में ध्यान उन्नयन और आधुनिकीकरण पर केंद्रित है। रायपुर में 100 करोड़ रूपए की लागत से विद्युत आपूर्ति की भूमिगत केबलिंग, सड़क विकास, तथा CG VAYU योजना के माध्यम से विमानन सुविधाओं का विस्तार। ये सभी तीव्र आर्थिक विस्तार के लिए आधारभूत तंत्र को मजबूत करेंगे। दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़ और कबीरधाम में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण, तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रूपए का प्रावधान। स्वास्थ्य संस्थागत क्षमता को गहराई प्रदान करेंगे। पूंजीगत व्यय 27,000 करोड़ रूपए निर्धारित है, जबकि जल संसाधन विभाग को 3,500 करोड़ रूपए का ऐतिहासिक आवंटन प्राप्त हुआ है, जिससे जल प्रबंधन बेहतर होना अपेक्षित है। अधोसंरचना को यहाँ केवल पूंजीगत व्यय के रूप में नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास के सक्षमकारी ढांचे के रूप में परिभाषित किया गया है।

    निवेश नीति- विस्तार और रणनीतिक स्थिति-निर्धारण

    यह बजट औद्योगिक प्रतिबद्धता के विस्तार का संकेत देता है। उद्योग विभाग का आवंटन 2024-25 के 648 करोड़ रूपए से बढ़कर इस वर्ष 1,750 करोड़ रूपए हो गया है, अर्थात दो वर्षों में इसमें लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन नीति तीन आयामों में संगठित है।

    पहला पारंपरिक औद्योगिक विस्तार के अंतर्गत 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना तथा भविष्य के औद्योगिक जोनों के लिए 200 करोड़ रूपए का भूमि बैंक प्रस्तावित है।
    दूसरा मुख्यमंत्री AI मिशन के माध्यम से नवीन प्रौद्योगिकी में रणनीतिक मजबूती प्राप्त करना। यह मिशन AI प्रतिभा निर्माण, AI -आधारित स्टार्टअप प्रोत्साहन, तथा अनुसंधान एवं नवाचार के पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर केंद्रित है।
    तीसरा, महत्वपूर्ण खनिजों और कृषि-आधारित मूल्य शृंखलाओं में विविधीकरण। सामरिक खनिज अन्वेषण ऊर्जा संक्रमण और उन्नत विनिर्माण की वैश्विक दिशा के संदर्भ में राज्य की स्थिति को सुदृढ़ करता है। 150 करोड़ रूपए की ऑयल पाम पहल के साथ साथ तिलहन, दलहन और प्राकृतिक खेती से संबंधित कार्यक्रम कृषि-औद्योगिक एकीकरण को प्रोत्साहित कर सकेंगे। इस प्रकार राज्य की निवेश नीति विभिन्न घोषणाओं के स्थान पर स्पष्ट मिशन-आधारित ढांचे में ढली दिखाई देती है।

    कुशल मानव संसाधन

    विकसित होती अर्थव्यवस्था की स्थिरता उसके कार्यबल की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। इस बजट में मानव संसाधन रणनीति व्यापक है और विभिन्न कौशल स्तरों को संबोधित करती है। नई CG-ACE योजना के अंतर्गत NEET/JEE, UPSC/CGPSC तथा बैंकिंग/रेलवे परीक्षाओं की तैयारी हेतु 33 करोड़ रूपए का प्रावधान है। राज्य में सात छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थान संचालित किए जा रहे हैं।

  • नेताजी आनंद सिंघानिया  युवा साहित्य रत्न सम्मान से युवा कवि एवं गीतकार भरत द्विवेदी सम्मानित

    साईनाथ फाउंडेशन द्वारा नेताजी आनंद सिंघानिया की पावन स्मृति में विगत सात वर्षों से विभिन्न साहित्यिक सम्मान प्रदान किए जा रहे हैं, इसी कड़ी में इस वर्ष भी सरस्वती बुक्स के संयुक्त तत्वावधान में 21 फरवरी 2026 दिन शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित विमतारा ऑडिटोरियम में सरस्वती साहित्य सम्मान समारोह का आयोजन हुआ ।
    उक्त समारोह अंतर्गत प्रदेश के चुनिंदा 10 कलाकारों को काव्य, गायन, नृत्य व अन्य प्रस्तुतियों हेतु हुनर का मंच सत्र में अवसर प्रदान किया गया । दो महत्वपूर्ण परिचर्चा सत्रों में सुप्रसिद्ध लेखक एवं इतिहासकार डॉ. परिवेश मिश्रा, पुरातत्वविद राहुल कुमार सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार राजीव रंजन प्रसाद एवं वरिष्ठ लेखक शिवकुमार पाण्डेय बतौर आमंत्रित वक्ता बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के इतिहास संस्कृति व पर्यटन पर अपना व्यक्तव्य दिया , दो अलग अलग सत्रों में आयोजित परिचर्चा सत्र में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अनिल द्विवेदी एवं युवा लेखिका डॉ. शुभा मिश्रा ‘कनक’ सूत्रधार की भूमिका निभाई ।
    मुख्य सम्मान सत्र में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा, साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा, राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, वरिष्ठ साहित्यकार एवं मानस मर्मज्ञ नर्मदा प्रसाद मिश्र ‘नरम’ व उर्दू अकादमी की पूर्व उपाध्यक्ष नजमा अज़ीम खान के गरिमामय आतिथ्य में सरस्वती साहित्य सम्मान से वरिष्ठ साहित्यकार रुद्र नारायण पाणिग्रही, नेताजी आनंद सिंघानिया स्मृति युवा साहित्य रत्न सम्मान से युवा कवि एवं गीतकार भरत द्विवेदी, नेताजी आनंद सिंघानिया स्मृति युवा पत्रकारिता रत्न सम्मान से लोकप्रिय पत्रकार तृप्ति सोनी एवं मोहम्मद अज़ीम खान स्मृति उर्दू साहित्य रत्न सम्मान से युवा लेखक इरफानुद्दीन इरफान को सम्मानित किया गया । इन प्रतिष्ठित सम्मानों के अंतर्गत सम्मानित होने वाली विभूतियों को अंगवस्त्र, सम्मान पत्र, सम्मान चिन्ह व नगद धनराशि प्रदान की गई ।
    इस समारोह के आयोजक साईनाथ फाउंडेशन के संस्थापक युवा लेखक एवं संस्कृतिकर्मी आशीष राज सिंघानिया व सरस्वती बुक्स के संचालक आकाश महेश्वरी ने शहर के तमाम साहित्य प्रेमियों व मीडियाकर्मियों से उक्त गरिमामय समारोह में शिरकत करने के लिए आभार जताया !
    फोटो संलग्न

  • युवा जागरूकता हेतु बजट संवाद कार्यक्रम

    कॉन्फ्लुएंस कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा माय भारत बजट क्वेस्ट 2026 के अंतर्गत “बजट चर्चा कार्यक्रम” का आयोजन महाविद्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केंद्रीय बजट की प्रमुख विशेषताओं से अवगत कराना तथा उन्हें आर्थिक नीतियों के प्रति जागरूक बनाना था।

    विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में बजट प्रावधानों पर उत्साहपूर्वक चर्चा की। “थिंक स्मार्ट एंड आंसर फास्ट” की थीम के माध्यम से उन्हें त्वरित एवं तार्किक उत्तर देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम अधिकारी श्री विजय मानिकपुरी ने बताया कि “युवा वर्ग यदि बजट और आर्थिक नीतियों को समझेगा, तो वह समाज और राष्ट्र निर्माण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेगा।” इस मेगा क्विज प्लेटफॉर्म से जुड़कर विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की पहल में भी सहभागिता की। इस गतिविधि से विद्यार्थियों की वित्तीय साक्षरता, विश्लेषणात्मक क्षमता और संप्रेषण कौशल में वृद्धि हुई। प्राचार्या डॉ. रचना पांडेय ने कहा, “बजट राष्ट्र के विकास की दिशा तय करता है। विद्यार्थियों को इसकी गहन समझ होना आवश्यक है।” कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चार समूहों—ग्रुप 1 (कृषि) में चंदन, भोलेशंकर, खिलेश्वरी, टीकेश्वरी, क्षमा, युक्ता, खोमेश्वरी, रीना; ग्रुप 2 (स्वास्थ्य) में सुस्मिता, वैशाली, यज्ञ, अनामिका, दीक्षा, गायत्री, निधि साहू; ग्रुप 3 (शिक्षा) में रोहिता, एवन, निकिता, हेमा, पुरुषोत्तम, उज्जवल, नेहा यादव, कौशल्या; तथा ग्रुप 4 (सुरक्षा) में अशोक, नेहा लकड़ा, मीनाक्षी, नम्रता, हेमंत, लीना में विभाजित कर विभिन्न क्षेत्रों के बजट प्रावधानों पर चर्चा कराई गई। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक सहभागिता के साथ हुआ तथा विद्यार्थियों में आर्थिक जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को सुदृढ़ किया गया। 

  • राजनांदगांव क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं ने टैरिफ याचिकाओं पर जन-सुनवाई में दी अपनी सहभागिता


    विडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से इस जन-सुनवाई में शामिल 04 जिलों के घरेलू, गैर घरेलू, कृषक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं ने नये टैरिफ के लिए दिए सुझाव
    राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा विडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए बिजली दरों (टैरिफ) के निर्धारण और राजस्व आवश्यकताओं से संबंधित याचिकाओं पर शहर के पार्रीनाला स्थित कार्यपालक निदेशक कार्यालय में राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिले के घरेलु, गैर घरेलु, कृषक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सार्वजानिक जन-सुनवाई आयोजित की गई। इस जन-सुनवाई का मुख्य उद्देश्य बिजली की नई दरों से निर्धारण से पूर्व आम जनता, कृषक उपभोक्ताओं एवं औद्योगिक संगठनों के सुझावों एवं आपत्तिओं को चिन्हाकित किया जाना था। 

  • राजनांदगांव की सियासत में नई चर्चा: रूपचंद भीमनानी की नियुक्ति से वर्चस्व की अटकलें तेज

    राजनांदगांव। जिले की राजनीति में इन दिनों एक नई नियुक्ति को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। संतोष पांडे द्वारा ऊर्जा विभाग, CSPDCL, CSPTCL और संबंधित विद्युत संस्थाओं के कार्यों के लिए रूपचंद भीमनानी को सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

    गौरतलब है कि राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक और प्रदेश के वरिष्ठ नेता डॉ. रमन सिंह ने रूपचंद भीमनानी को विधायक प्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदारी दी है। ऐसे में अब उन्हीं को सांसद प्रतिनिधि बनाए जाने से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या जिले में भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच वर्चस्व की जंग चल रही है?

    क्या है पूरा मामला?

    हाल ही में जारी पत्र में सांसद संतोष पांडे ने राजनांदगांव जिले में ऊर्जा विभाग और उससे जुड़े संस्थानों के कार्यों, बैठकों और योजनाओं के समन्वय हेतु रूपचंद भीमनानी को अपना अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया है। पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री सहित विभागीय अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।
    राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि एक ही व्यक्ति को पहले विधायक प्रतिनिधि और अब सांसद प्रतिनिधि बनाए जाने से संगठन के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर संकेत मिल रहे हैं। कुछ लोग इसे समन्वय की रणनीति बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने की कवायद के रूप में देख रहे हैं।

    क्या वर्चस्व की लड़ाई?

    स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह नियुक्ति केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी छिपा है?
    क्या इससे यह संकेत मिलता है कि जिले में नेतृत्व की भूमिका को लेकर अंदरूनी प्रतिस्पर्धा है?
    हालांकि, आधिकारिक रूप से भाजपा या किसी भी नेता की ओर से इस विषय पर कोई बयान सामने नहीं आया है।

    संगठन में समन्वय या सियासी संकेत?

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कई बार जनप्रतिनिधि अपने भरोसेमंद व्यक्तियों को विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारी देकर कार्यों में तेजी लाने की कोशिश करते हैं। वहीं विपक्ष और स्थानीय स्तर पर इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।

    फिलहाल, यह नियुक्ति प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है, लेकिन इससे जुड़े सियासी मायनों को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

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  • रटने की जगह समझने पर जोर: युवाचार पब्लिकेशन की किताबों से बदले तैयारी की दिशा

    छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए सही अध्ययन सामग्री का चयन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। बाजार में किताबों के ढेर के बीच सटीक, अपडेटेड और सरल भाषा वाली पुस्तकों की कमी को दूर करते हुए ‘युवाचार पब्लिकेशन’ ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। पिछले कई वर्षों से यह पब्लिकेशन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और व्यापम सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है।

    द्विभाषी और अपडेटेड कंटेंट पर जोर

    युवाचार पब्लिकेशन की सबसे बड़ी विशेषता इसका द्विभाषी स्वरूप है। यहाँ पुस्तकें हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों में उपलब्ध हैं, जिससे माध्यम की बाधा दूर होती है। पब्लिकेशन का दावा है कि उनकी पुस्तकें पूरी तरह से अपडेटेड और नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुरूप तैयार की जाती हैं। कठिन विषयों को रटने के बजाय कॉन्सेप्ट्स को गहराई से समझने के लिए इसमें बेहद सरल भाषा का उपयोग किया गया है।

    विशेषज्ञों की देखरेख में तैयार पाठ्य सामग्री

    प्रतियोगी परीक्षाओं के बदलते स्वरूप को देखते हुए विशेषज्ञों द्वारा अध्ययन सामग्री को समय-समय पर संशोधित किया जाता है। पब्लिकेशन के अनुसार, उनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी सफलता की नींव मजबूती से रख सकें।

    सभी प्रमुख बुक डिपो और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं

    वर्तमान में युवाचार पब्लिकेशन की पुस्तकें प्रदेश के सभी प्रमुख बुक डिपो और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। छात्र अपनी तैयारी को नई दिशा देने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से भी पब्लिकेशन से जुड़कर नवीनतम अपडेट प्राप्त कर रहे हैं।

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  • CG : राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री साय

    जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान

    मुख्यमंत्री श्री साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की हुई गहन समीक्षा

    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की

    31 मई तक 10 लाख जल संरचनाओं का लक्ष्य, जल सुरक्षा को मिलेगा नया आधार

    डबरी निर्माण से बढ़ेगा भू-जल स्तर, किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ

    रायपुर 20 फरवरी 2026

     राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया।

    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।

    केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।