• राजनांदगांव : स्कूल मैदानों को दुरूस्त रखने की जरूरत पड़ रही…

    राजनांदगांव | शहर के स्कूल मैदानों को एक बार फिर मरम्मत की जरूरत है। सर्दियों के खेल के सीजन में मैदानों में कई खेल स्पर्धा आयोजित की गई। इसके बाद मैदानों की दोबारा मरम्मत की जरूरत है। यहां मैदान के बीच पड़े पत्थर, ईंट, कांच के टुकड़ों की सफाई जरूरी है। ताकि खिलाड़ियों को खेल के दौरान चोट नहीं लगे।

  • राजनांदगांव : ऑक्सीजन में पेड़ों की अवैध रूप से कटाई…

    राजनांदगांव | मोहारा से लगे ऑक्सीजन में पेड़ों की अवैध कटाई हो रही है। यहां हरे भरे पेड़ों को काटकर लकड़ी की तस्करी की जा रही है। जिससे ऑक्सीजोन को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जरूरत है। प्रशासन को सख्ती से निगरानी कर अवैध कटाई रोकने की जरूरत है। ताकि ऑक्सीजोन में हरियाली बनी रहे।

  • राजनांदगांव : सौंदर्यीकरण के अंतर्गत लगाई प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त…

    राजनांदगांव | नंदई चौक में किया गया सौंदर्यीकरण अब बुरी हालत में है। यहां कुछ मूर्तियां रखी गई थीं। जो क्षतिग्रस्त हालत में है। यहां बाउंड्रीवाल भी बनी थी, जो गायब हो गई है। इसकी जगह व्यवस्थित नहीं की गई। मूर्तियों के पेंट उखड़ गए हैं, जिनकी सफाई भी महीनों से नहीं हुई है। इस पर नगर निगम को ध्यान देना चाहिए।

  • राजनांदगांव : पूज्य सिंधी पंचायत ने शोक सभा का किया आयोजन…

    राजनांदगांव | पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा भाजपा नेता एवं समाज के वरिष्ठ आशीर्वादक रहे सुरेश डुलानी के निधन पर शोक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूज्य सिंधी पंचायत के वरिष्ठ मार्गदर्शक आवतराम तेजवानी, अर्जुनदास पंजवानी, घनश्याम गंगवानी, ब्रह्मानंद बजाज, गुरुमुखदास वादवा अध्यक्ष मन्नुमल मोटलानी, कोषाध्यक्ष विजय गंगवानी, महासचिव हरीश मोटलानी ने जानकारी देते हुए बताया कि डुलानी के दुखद निधन से समाज स्तब्ध और गमगीन है। उनके द्वारा समाज के हित मे किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के वे समाज के लिए प्रेरणा के श्रोत रहे। पूज्य सिंधी पंचायत ने डुलानी को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

  • राजनांदगांव : अच्छा लेखक बनने अच्छा पाठक होना जरूरी, इस दिशा में आगे बढ़ें युवा…

    राजनांदगांव , दिग्विजय कॉलेज में पीएम उषा सेल द्वारा पुस्तक लेखन वर्कशॉप, आइडिया टू पब्लिकेशन विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला रूसा 2.0 के सहयोग से की गई। स्नातक, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि एमडी कावरे आईएएस आयुक्त रायपुर संभाग के स्वागत से शुभारंभ हुआ। प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने कहा वर्तमान में ज्ञान के प्रसार और शोध कार्यों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने पुस्तक लेखन महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रेरित किया।

    उन्होंने कहा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके विचारों, शोध परिणामों और अनुभवों को व्यवस्थित रूप से पुस्तक के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। ऐसी कार्यशाला विद्यार्थियों में लेखन कौशल, अनुसंधान दृष्टि,अकादमिक ईमानदारी को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्य अतिथि एमडी कावरे ने कहा वर्तमान समय में ज्ञान और सूचना का युग है, जहां विचारों का सही दस्तावेजी करण और प्रकाशन आवश्यक है। पुस्तक लेखन रचनात्मक गतिविधि नहीं समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का स्थायी स्रोत भी है। नियमित रूप से पढ़ने की आदत डालें, अच्छा लेखक बनने अच्छा पाठक होना जरूरी है। पीएन राव, डॉ. माजिद अली, डॉ. संजय ठिसके, डॉ. त्रिलोक कुमार,चिरंजीव पाण्डेय, मंजूषा बाजपेयी सहित अन्य मौजूद रहे।

    केवल पाठक नहीं लेखक बनने का प्रयास करें युवा: एमडी कावरे ने कहा युवा केवल पाठक बनकर नहीं रहें बल्कि लेखक बनने का प्रयास करें।

    विज्ञान व समाज में संवाद बनाए रखने लेखन जरूरी विश्वास मेश्राम नोडल अधिकारी एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विज्ञान ने कहा विज्ञान और समाज के बीच संवाद स्थापित करने में लेखन की अहम भूमिका है। वैज्ञानिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना जरूरी है ताकि सामान्य जन विज्ञान को समझ सके। भारत में विज्ञान लेखन की परंपरा विकसित हो रही है। इसमें युवाओं की भूमिका अहम है। विज्ञान लेखन वैज्ञानिकों के लिए नहीं समाज के हर नागरिक के लिए जरूरी है। वैज्ञानिक घटनाओं, पर्यावरणीय समस्याओं और सामाजिक मुद्दों पर लेख लिखें। विज्ञान को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए।

  • राजनांदगांव : नाली की नियमित सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी…

    राजनांदगांव | शहर के ग्रामीण वार्ड 49 मोहड़ में आंगनबाड़ी के सामने लंबे समय से नाली जाम पड़ी है। यहां से गंदे पानी की निकासी नहीं होने से लोग परेशान है। यह नाली पूरी तरह से खुली हुई और यहां आंगनबाड़ी होने से आसपास बच्चों की उपस्थिति बनी रहती है। ग्रामीण गंदगी और बदबू से परेशान है। इसकी नियमित सफाई नहीं हो रही।

  • राजनांदगांव : चक्रवाती सिस्टम से बदल रहा मौसम, 13 से हल्की बारिश के आसार…

    राजनांदगांव | छत्तीसगढ़ – झारखंड सीमा के ऊपरी हिस्से में बने चक्रवाती परिसंचरण से मौसम में बदलाव हो रहा है। हवा के साथ नमी आ रही है। इससे आसमान में हल्के बादल छा रहे हैं। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने इस बदलाव से जिले के कई हिस्सों में 13 व 16 मार्च को हल्की बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। हालांकि अधिकतम तापमान में वृद्धि का क्रम जारी है।

  • CG : पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री अग्रवाल के विभागों के लिए 492 करोड़ रूपए से अधिक की अनुदान मांगे पारित

    पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि

    पर्यटन विभाग के अंर्तगत तीन नई योजनाओं हेतु कुल 110 करोड़ रूपए का प्रावधान

    मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन हेतु 100 करोड़, शक्तिपीठ भ्रमण योजना हेतु 5 करोड़, छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान

    मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना हेतु 3 करोड़ रूपए का प्रावधान, छत्तीसगढ़ राज्य के आम नागरिकों को आईआरसीटीसी के माध्यम से पर्यटन स्थलों के भ्रमण मे 75 प्रतिशत तक सब्सिडी

    पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों हेतु अनुदान मद के अंर्तगत 100 करोड़ रूपए का प्रावधान

    श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़ रूपए का प्रावधान

    शक्तिपीठ परियोजना के अंर्तगत छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों को विकसित किए जाने हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान

    सिरपुर एकीकृत विकास योजना हेतु 10 करोड़ रूपए का प्रावधान, सिरपुर को हेरिटेज स्थल के रूप मंे किया जाएगा विकसित

    राजकीय मानव संग्रहालय, छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय, अभिलेखागार एवं भारत भवन का किया जाएगा निर्माण

    सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और कलाकारों के प्रोत्साहन पर विशेष जोर

    मंदिरों के जीर्णाेद्धार और प्रमुख मेलों के आयोजन को मिलेगा प्रोत्साहन

    रायपुर, 10 मार्च 2026

    छत्तीसगढ़ विधानसभा में पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान मांगों को सदन में पारित किया गया। विभागीय मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत बजट पर चर्चा के बाद इन विभागों के लिए कुल 492 करोड़ 20 लाख रुपये की अनुदान मांगें पारित की गईं, इसमेें पर्यटन विभाग के लिए 344 करोड़ रूपए, संस्कृति विभाग के लिए 98.20 करोड़ रूपए तथा धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

    सदन में बजट भाषण के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और धार्मिक आस्था से जुड़ी विरासत से है। राज्य सरकार इन तीनों क्षेत्रों को समन्वित रूप से विकसित कर छत्तीसगढ़ को पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से देश के प्रमुख राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन विभागों के बजट में पर्यटन अधोसंरचना के विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के संवर्धन को प्राथमिकता दी गई है।

    पर्यटन विभाग

    मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि पर्यटन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 344 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के माध्यम से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन सर्किटों और पर्यटक सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा। इसके लिए इस वर्ष 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन स्थलों की अधोसंरचना, ब्रांडिंग, स्वच्छता, पेयजल और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 52 विशेष ट्रेनों के माध्यम से लगभग 44 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क दर्शन कराया जा चुका है और इसके लिए इस वर्ष 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना के माध्यम से राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन को नई दिशा दी जाएगी। इस योजना हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

    श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य में साहसिक पर्यटन और जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत जलाशयों और प्राकृतिक स्थलों पर जल क्रीड़ा तथा एडवेंचर गतिविधियों के विकास के लिए बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

    मंत्री श्री अग्रवाल ने जानकारी दी कि पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न विकास  कार्यों हेतु  100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, इसके अंर्तगत भोरमदेव कॉरिडोर का विकास, मयाली-बगीचा के विकास के अंर्तगत जशपुर जिले के मधेश्वर पहाड़ के निकट स्थित मयाली मंे पर्यटक रिसॉर्ट, स्किल डेवलपमेंट सेंटर का विकास एवं बगीचा स्थित कैलाश गुफा में पर्यटन विकास के कार्य कराए जाएंगे। उन्होेंने आगे कहा कि नया रायपुर मंे चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेेंटर का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर एवं सरगुजा के आदिवासी क्षेत्रों में बस्तर टूरिज्म सर्किट एवं जशपुर टूरिज्म सर्किट के तहत विकास कार्य कराए जाएंगे जिससे छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों का स्वरूप और अधिक निखरकर सामने आएगा। 

    मंत्री श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि पर्यटन प्रोत्साहन अनुदान मद में 5 करोड़ की वृद्धि कर 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंर्तगत बस्तर, सरगुजा एवं अन्य संभावित पर्यटन क्षेत्रों मंे पर्यटकों के लिए होमस्टे सुविधा एवं सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत राज्य के आर्थिक विकास एवं पर्यटन के विकास के लिए निजी निवेशकों एवं स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

    शक्तिपीठ परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों को उत्तराखंड की चारधाम परियोजना की तर्ज पर विकसित करने और जोड़ने का कार्य किया जाना है। इस हेतु बजट मंे 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सिरपुर को बुद्धिष्ट थीम पर हेरिटेज स्थल के रूप मंे विकसित किया जाएगा, इसके लिए सिरपुर विकास योजना केे तहत 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

    छत्तीसगढ़ राज्य के आम नागरिकों को मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजनांर्तगत आईआरसीटीसी के माध्यम से 75 प्रतिशत सब्सिडी मंे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलांे का भ्रमण कराया जाएगा। इस हेतु बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रथम चरण में राजधानी रायपुर से जगदलपुर एवं बारनवापारा-सिरपुर टूर तैयार किया जा रहा है। 

    पर्यटन विभाग के अंर्तगत नया रायपुर स्थित भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान हेतु 4 करोड़ रूपए, स्टेट टूरिज्म अवार्ड हेतु 5 लाख रूपए एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन के प्रचार-प्रसार एवं ब्राडिंग हेतु मेला, उत्सव, प्रर्दशनी अनुदान मद मंे 8.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट तथा स्टेक होल्डर्स से संपर्क कर उन्हें छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के लिए कार्य किए जाने हेतु प्रोत्साहित करने प्रमुख 10 शहरों में रोड शो और बिजनेस मीटिंग का अयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। 

    संस्कृति एवं पुरातत्व

    मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 98 करोड़ 20 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्य में राजकीय मानव संग्रहालय, इतिहास संग्रहालय और अभिलेखागार के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया जा सके। मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि बस्तर पंडुम 2026 का भव्य आयोजन फरवरी माह में किया गया। जिसका शुभारंभ भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु एवं समापन गृहमंत्री श्री अमित शाह के गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम तीन चरणों में सम्पन्न हुआ जिसमें 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम बस्तर संभाग के पंचायतों एवं नगरीय निकायों में सम्पन्न हुआ। गत वर्ष आयोजित बस्तर पंडुम 2025 को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया, जो विभाग के लिए गौरव की बात है। 
     
    श्री अग्रवाल ने कहा कि कलाकारों के प्रोत्साहन, सांस्कृतिक आयोजनों के विस्तार और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए भी बजट में प्रावधान बढ़ाया गया है। इसके साथ ही पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय के विकास और राज्य की पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय उपरवारा नवा रायपुर परिसर में आंचलिक इतिहास को प्रदर्शित करने छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय, अभिलेखागार एवं भारत भवन के निर्माण हेतु इस बजट मंे 2.70 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस हेतु डीपीआर तैयार किया गया है, जिसका अनुमानित व्यय लगभग 48 करोड़ रूपए है। मानव सभ्यता एवं संस्कृति के विकास एवं छत्तीसगढ़ में निवासरत विभिन्न जनजातीय समुदायों के जीवन-पद्धति, रहन-सहन, खानपान, आचार-विचार, वेशभूषा एवं संस्कृति को प्रर्दशित किए जाने हेतु राजकीय मानव संग्रहालय की स्थापना भी की जाएगी। भारत के राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर  तृतीय एवं चतुर्थ चरण के कार्यक्रमों के लिए इस बजट में 2 करोड़ रू. का प्रावधान किया गया है। 

    प्रदेश के अर्थाभावग्रस्त ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों एवं कलाकारों को पूर्व में 2 हजार रू. मासिक वित्तीय सहायता दिया जा रहा था, इस राशि में वृद्धि कर 5 हजार किया गया है। इस वर्ष के बजट में अर्थाभावग्रस्त ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों एवं कलाकारों के सहायता हेतु 1 करोड़ 50 लाख रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री लोककलाकार प्रोत्साहन योजनांर्तगत राज्य की कला एवं सांस्कृतिक परंपरा के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अंचल के विविध लोककलाओं, नृत्य संगीत, लोकनाट्य तथा शिल्पकला के कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए 30 लाख रूपए का बजट स्वीकृत किया गया है। इसी तरह अशासकीय निजी संस्थाओं हेतु आर्थिक अनुदान अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5 करोड़ 75 लाख का प्रावधान किया गया है। इसी तरह छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद अंतर्गत संचालित आदिवासी एवं लोक कला अकादमी के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में वृद्धि करते हुए 2 करोड़ 20 लाख रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है। 

    विभाग के द्वारा संपादित उत्खन्न सर्वेक्षण कार्यों का प्रतिवेदन, शोध-संगोष्ठी एवं शोध पत्रिका तथा पांडुलिपि प्रकाशन आदि के लिए 45 लाख रूपए और प्राचीन शिल्पों के प्रतिकृति निर्माण के लिए 16 लाख 80 हजार रूपए के बजट का प्रावधान किया गया है। इसी तरह प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के लिए 4 करोड़ 60 लाख रूपए, पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय विकास के लिए 7 करोड़ 80 लाख, प्राचीन स्थलों के संरक्षण उत्खनन के लिए 1 करोड़ 20 लाख तथा शोध संगोष्ठी एवं प्रदर्शन के आयोजन के लिए 75 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। 

    धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग

    धर्मस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए वर्ष 2026-27 में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत राज्य के मंदिरों और धार्मिक स्थलों के जीर्णाेद्धार, धर्मशालाओं के निर्माण तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ, गिरौदपुरी मेला, बस्तर दशहरा, जशपुर दशहरा, डोंगरगढ़ में चैत्र एवं क्वांर नवरात्रि मेला जैसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है, जिससे इन आयोजनों की गरिमा और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

    मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों की यात्राओं में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक आस्था छत्तीसगढ़ की पहचान के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन क्षेत्रों के समग्र विकास से न केवल राज्य की गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित होंगे। विधानसभा में अनुदान मांगों के पारित होने के साथ ही इन विभागों की योजनाओं को आगामी वित्तीय वर्ष में और गति मिलेगी।

  • CG : उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट पारित

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हज़ार 560 करोड़ रुपए प्रावधानित

    रायपुर, 10 मार्च 2026

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनते ही हमने आवासहीन लोगों को प्रतिबद्घ होकर प्रथम बैठक में 18 लाख से अधिक लंबित आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गयी थी। 2 वर्षों में एसईसीसी 2011 एवं आवास प्लस-2018 की सूची के सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किया जा चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट  विधानसभा में पारित किया गया l 

            विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत 33 हजार 255 परिवारों को आवास स्वीकृति दी जा चुकी है एवं 19 हजार 199 आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित पात्र परिवारों को पीएम आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत आवास लाभ प्रदान किए जाने हेतु भारत सरकार द्वारा 15 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।

           मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 38 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है एवं 15 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके है। सरकार गठन उपरांत राशि  400 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान भी किया गया, यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि कोई भी परिवार आवासहीन न रहे।

          भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय से पीएमजी एसवाई 4 के तहत 774 सड़कों द्वारा 781 बसाहटे लाभान्वित होंगी। जिसके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2237.97 करोड़ रुपए एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों के नागरिक सूचना पटल पर QR कोड आधरित सूचना स्वप्रकटीकरण बोर्ड लगाकर सड़कों की समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

        मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि इस बजट में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 4000 करोड़ रुपए एवं  प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना हेतु 4265.00 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु बजट प्रावधान 850 करोड़ रुपए किया गया है। ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान हेतु 8.75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।  ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के लिए 144 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
         गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग के लिए मुख्य बजट में राजस्व व्यय मद अंतर्गत 7130.48 करोड़ रुपए एवं पूंजीगत परिव्यय मद अंतर्गत 590.53 करोड़ रुपए कुल 7721.01 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पुनर्वास करने वाले वामपंथी उग्रवादी नक्सली कैडर को केन्द्रीय पुनर्वास नीति के तहत् उनके प्रतिस्थापन एवं पुनर्वास के लिये फिक्स डिपाजिट एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिये राशि रूपये 38 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में वर्तमान में हो रहे आधुनिक किस्म के अपराध एवं साइबर अपराध के मामलों की गहन अनुसंधान एवं रोकथाम हेतु पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में आधुनिक आई.टी. सेंटर खोले जाने हेतु 06 नवीन पद तथा जिला बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, सक्ती, बलरामपुर में कुल 05 साइबर थाना के गठन हेतु 50 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। सरकार द्वारा जिला रायपुर के नगरीय क्षेत्रों में लागू किये गये पुलिस आयुक्त प्रणाली का सुचारू एवं कुशलतापूर्णक संचालन हेतु कुल 67 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक से नवीन पुलिस जिला रायपुर ग्रामीण के रूप में संचालन हेतु कुल 251 नवीन पदों का प्रावधान किया गया हैं। इसी प्रकार राज्य के 06 नवगठित जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा एवं मुंगेली में पुलिस के महत्त्वपूर्ण कार्य हेतु डीसीबी, डीसीआरबी के 156 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। 

           प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों के लिए 15 नवीन पुलिस थाना की स्थापना हेतु कुल 975 नवीन पदों एवं 08 पुलिस चौकी को पुलिस थाना में उन्नयन किये जाने हेतु 337 नवीन पद, अत्यधिक कम बल स्वीकृत वाले 21 पुलिस थानों में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 870 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। 

           प्रदेश में पुलिस प्रशासन को सुदृढ़ किये जाने हेतु नवीन पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर एवं राजनांदगांव तथा पुलिस उप महानिरीक्षक रायगढ़ रेंज कार्यालय के लिए कुल 41 नवीन पद तथा प्रदेश के विभिन्न पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में अनुसचिवीय बल के कुल 110 अतिरिक्त नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। शासकीय रेल पुलिस रायपुर के थाना/चौकी एवं लाईन में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 150 अतिरिक्त नवीन पदों सहित, जगदलपुर हवाई पट्टी की सुरक्षा हेतु हेतु 40. न्यू स्टेट हैंगर माना रायपुर की सुरक्षा हेतु 40 नवीन पद का प्रावधान किया गया है। राजभवन की सुरक्षा, मुख्यमंत्री निवास सुरक्षा एवं मंत्रालय की सुरक्षा हेतु 250 अतिरिक्त नवीन पद, छसबल की वाहिनियों के अकुशल ट्रेडमेन संवर्ग के 400 नवीन पद, बस्तर फाईटर बल में अतिरिक्त बलवृद्धि (आरक्षक) हेतु 1500 नवीन पद, विशेष आसूचना शाखा मुख्यालय के लिए अनुसचिवीय संवर्ग के 24 नवीन पद, एटीएस विशेष शाखा में आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ता हेतु 325 नवीन पद, प्रदेश के विभिन्न छसबल वाहिनीयों में श्वान दल हेतु 83 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। 

        मंत्री  श्री शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 440 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 01 नवीन भारत रक्षित वाहिनी के गठन हेतु 1007 नवीन पद, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल का 01 बटालियन गठन किये जाने हेतु 500 नवीन पद. जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन हेतु 100 नवीन पद, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय अंतर्गत एस०ओ०जी० (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन हेतु 44 नवीन पद सहित थाना एवं चौकियों की संख्या में वृद्धि करते हुये कुल 5421 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। सरकार द्वारा विशेष पुलिस बल अंतर्गत प्रदेश हेतु एन्टी टेरेरिस्ट स्क्वायड (आतंकवादी निरोधक दस्ता), राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन एवं बम्ब डिस्पोजल के लिए भी नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है।

          पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए आईसीजीएस परियोजना के तहत तीन नवीन आपराधिक कानूनों को सीसीटीएनएस, ई-फोरेन्सिक, ई-कोर्ट, ई-अभियोजन, ई-जेल के मध्य सुरक्षित एवं निर्बाध्य रियल डाटा का एकीकरण एवं डाटा विनिमय सुनिश्चत किया जा रहा है इज़के द्वारा एफआईआर प्रक्रिया को सुलभ और एकीकृत बनाया गया है।

     जेलों का हो रहा उन्नयन

         छत्तीसगढ़ जेल विभाग द्वारा 4 केन्द्रीय जेलों – रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आईएसओ 9001: 2015 सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ, जो प्रदर्शित सरकार की गुणवत्ता उन्नयन को दर्शाता है। बजट में प्रदेश की 16 जेलों में ‘प्रिजन कॉलिंग सिस्टम’ स्थापित करने हेतु रू. 1.05 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे जेलों में परिरूद्ध बंदी अपने परिजनों तथा अधिवक्ताओं से वाईस/वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर सकेंगे। बंदियों के पुनर्वास के लिए ‘निश्चय’ कार्यक्रम संचालित है, जिसमें काउंसिलिंग, बौद्धिक विकास, कौशल विकास तथा जेल से रिहाई के उपरान्त इंडियन ओवरसीज बैंक से ऋण उपलब्ध कराने के लिए एमओयू किया गया है। जेल विभाग के प्रहरियों, मुख्य प्रहरियों तथा प्रमुख मुख्य प्रहरियों को वर्दी (किट भत्ता) प्रदाय करने हेतु  1.5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे पूर्व जेल विभाग द्वारा क्रय कर वर्दी तथा किट प्रदाय की जाती थी। प्रदेश की 21 जेलों में 31 बंदी बैरकों के निर्माण हेतु विभागीय मद में 31 करोड का प्रावधान किया गया है। जेल भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग के मद में 70 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे जेलों की भौतिक अधोसंरचना तथा बंदी आवास क्षमता में वृद्धि होगी। 25 करोड़ के विभिन्न निर्माण, विद्युतीकरण तथा मरम्मत कार्य (नवीन मद के अंतर्गत PWD मद) इसमें उप जेल, मनेन्द्रगढ़ के लिए बंदी बैरक निर्माण कार्य हेतु 2.15 करोड़ रुपए सम्मिलित हैं। जेलों में विभिन्न सुरक्षा उपकरण लगाने हेतु 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। केन्द्रीय जेलों में संचालित उद्योगों के विस्तारीकरण के लिए मशीन क्रय हेतु 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे जेलों में संचालित उद्योगों को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने रायपुर केंद्रीय जेल में संचालित आस्था केंद्र का उदाहरण भी दिया।

           बजट में राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 10 जिलों में जिला सीन ऑफ क्राईम यूनिट की स्थापना हेतु स्वीकृत मानव संसाधन के वैज्ञानिक अधिकारी से लेकर विभिन्न वेतन मैट्रिक्स लेवल के कुल 05 पद प्रति जिला इस तरह 10 जिलों के लिये कुल 50 पद स्वीकृत किए गए हैं। न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, रायपुर के लिए 65 पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है, वही क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, दुर्ग में डीएनए यूनिट की स्थापना के लिए 4.00 करोड़ रुपए, नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के रायपुर कैंपस हेतु 40 एकड़ भूमि प्रदाय किया गया है, 03 नवीन आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद फोरेंसिक साइंस को महत्व देते हुए छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में जिला सीन ऑफ क्राईम यूनिटों हेतु वैज्ञानिक अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी।

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 225 करोड़ रूपए का हुआ बजट प्रावधान

         मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के शोधार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे शोध कार्यों के प्रत्यक्ष दर्शन कराने तथा राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान से प्रेरित करने, उनके व्यक्तित्व एवं उनकी जीवन शैली से परिचय कराने के उद्देश्य से विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान संस्थानों में हो रहे अनुसंधानों का अवलोकन कराये जाने एवं संस्थानों में कार्यरत वैज्ञानिकों से परिचर्चा कराने के उद्देश्य से विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान प्रारंभ किये जाने की योजना है।

         भारत सरकार के स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ कल्चर ऑफ साईंस योजना के अंतर्गत जिला-सूरजपुर ग्राम-मायापुर  में राज्य में गुजरने वाली कर्क रेखा पर लगभग राशि  6.65 करोड़  रुपए की लागत से एस्ट्रो साईंस सेन्टर की स्थापना प्रस्तावित है। परियोजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद कोलकाता के समन्वय से किया जा रहा है।

           इस वित्तीय वर्ष में सरगुजा, बलरामपुर, बस्तर, जशपुर एवं रायगढ़ जिलों में एक-एक नवीन साईंस पार्क की स्थापना हेतु 7.50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण तथा दुरस्थ ग्रामों के विद्यालयों में भौतिकी, रसायन एवं जीवविज्ञान के विषयों में प्रायोगिक सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश के सरगुजा एवं बस्तर संभागों में प्रायोगिक उपकरणों से सुसज्जित नवीन चलित मोबाईल साईंस लैब हेतु 3.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

          अनुदान की मांगों पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया, सर्व श्री दलेश्वर साहू, अजय चंद्राकर, सुनील कुमार सोनी, कवासी लखमा, भावना वोहरा, लखेश्वर बघेल, प्रेमचंद पटेल, इंद्र साव, राम कुमार टोप्पो  ने चर्चा में भाग लिया।

  • CG: खाद्य मंत्री श्री बघेल के विभागों के लिए 6216 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

    किसानों और गरीबों की खाद्य सुरक्षा पर सरकार का जोर

    धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों को 72 घंटे में भुगतान : खाद्य मंत्री

    73 लाख राशन कार्डधारियों को मुफ्त चावल, चना-गुड़ और नमक योजनाओं पर जोर

    किसानों को 33 हजार करोड़ का भुगतान, खाद्य सुरक्षा योजनाओं का विस्तार

    नई राशन दुकानों और भंडारण क्षमता बढ़ाने पर सरकार का बड़ा कदम

    रायपुर, 10 मार्च 2026

    छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल के विभागों से संबंधित वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6216 करोड़ 73 लाख 82 हजार रूपए की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित किया गया है। 

    मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने अपने विभागीय बजट भाषण में विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, गरीब परिवारों और उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

    मंत्री ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से समर्थन मूल्य पर 141 लाख 04 हजार 365 टन धान की खरीदी की गई, जिसकी कुल कीमत लगभग 33 हजार 431 करोड़ रुपये रही। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

    धान खरीदी प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी बनाने के लिए इस वर्ष किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराया गया और राज्य के 2,740 धान खरीदी केंद्रों में बायोमेट्रिक उपकरण स्थापित किए गए, इसके माध्यम से किसानों के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही धान की खरीदी की गई।

    मंत्री श्री बघेल ने बताया कि किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी बेहतर बनाई गई है। अधिकांश किसानों को धान बेचने के 72 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान कर दिया गया, जिससे करीब 33 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों तक पहुंची। धान खरीदी केंद्रों में टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों को 29 लाख से अधिक टोकन जारी किए गए। इससे किसानों को अपने धान को सुगमता से बेचने में मदद मिली और खरीदी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनी।

    खाद्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में खरीदे गए धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से तेजी से निराकरण किया जा रहा है। 9 मार्च 2026 तक 141 लाख टन धान में से 92 लाख 72 हजार टन यानी लगभग 66 प्रतिशत धान का उठाव कस्टम मिलिंग के लिए किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य के 73 लाख 97 हजार अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्डधारियों को दिसंबर 2028 तक निःशुल्क चावल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष 2025-26 में इसके लिए 11,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

    पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न के साथ आयोडीन युक्त नमक, चना और गुड़ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अनुसूचित क्षेत्रों में नमक वितरण, 85 विकासखंडों में 5 रुपये प्रति किलो की दर से चना वितरण और बस्तर संभाग में रियायती दर पर गुड़ वितरण की योजनाएं संचालित हैं। 

    सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से अंत्योदय एवं प्राथमिकता वाले  राशनकार्डधारी परिवारों में आयोडीन की कमी दूर करने के लिए अनुसूचित क्षेत्रों में 02 किलो प्रति एवं गैर अनुसूचित क्षेत्रों में 01 किलो प्रति राशनकार्ड प्रतिमाह निःशुल्क नमक वितरण किया जा रहा है। वर्तमान में 73.62 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को योजना का लाभ मिल रहा है। इसके लिए रिफाईन्ड आयोडाईज्ड नमक वितरण हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में उपरोक्त योजना के लिये 150 करोड रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। 


    मंत्री श्री बघेल ने बताया कि राज्य के 85 अनुसूचित विकासखण्ड एवं 09 माडा क्षेत्र के 31.32 लाख प्राथमिकता एवं अंत्योदय कार्डधारियों को मात्र 5 रूपए किलो की दर पर 2 किलो चना वितरण किया जा रहा है। चना वितरण योजना के लिये वित्तीय वर्ष 2026-27 में 450 करोड रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

    इसी तरह बस्तर संभाग के निवासियों में आयरन की कमी दूर करने के लिए संभाग के 7.75 लाख अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह रियायती दर पर 02 किलो गुड़ वितरण किया जा रहा है। गुड़ योजना के लिये वित्तीय वर्ष 2026-27 में 75 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

    राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए इस वर्ष 181 नई उचित मूल्य दुकानों की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही 3 लाख 32 हजार नए राशन कार्ड जारी किए गए और 6 लाख 57 हजार नए सदस्यों के नाम राशन कार्ड में जोड़े गए हैं।

    खाद्य मंत्री ने बताया कि खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य भंडारगृह निगम की 139 शाखाओं के माध्यम से फरवरी 2026 की स्थिति में 25 लाख 31 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है। 01 लाख 17 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। गोदाम निर्माण के अतिरिक्त निगम में 210 इलेक्ट्रानिक धर्मकांटा की स्थापना की गई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में नाबार्ड सहायता से गोदाम निर्माण हेतु 180 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ई-दाखिल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था की गई है, जिससे उपभोक्ता संरक्षण को और मजबूत बनाया जा रहा है।

  • CG : खिलखिलाती मुस्कान की नई इबारत लिख रहा बस्तर के वनांचल से नन्हा विक्रम …

    रायपुर। चिरायु योजना से उन परिवारों को निःशुल्क इलाज़ का लाभ पहुँचाना है, जो परिवार आयुष्मान भारत योजना में लाभ के लिए पात्र नहीं है। अंत्योदय परिवार और दिव्यांगजन चिरायु योजना के तहत निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकते है। बस्तर जिले के सुदूर वनांचल में बसे तारागांव की गलियों में इन दिनों एक नई गूंज सुनाई दे रही है। यह गूंज है 6 वर्षीय बालक विक्रम कश्यप की खिलखिलाती मुस्कान और उसके साफ शब्दों की। एक मजदूर परिवार में जन्मे विक्रम के लिए जीवन की शुरुआत संघर्षों भरी रही। जन्मजात कटे- होंठ और तालु (क्लेफ्ट लिप एंड पेलेट) की समस्या के कारण न केवल उसे भोजन करने में कठिनाई होती थी, बल्कि उसकी बोलचाल भी अस्पष्ट थी।

    विक्रम कश्यप के लिए शारीरिक कष्ट से कहीं ज्यादा गहरा घाव गांव वालों की नजर और सहपाठियों के बीच होने वाली झिझक की हीन भावना से घिरा विक्रम अक्सर अपना मुंह छिपाए रखता था और अन्य बच्चों की तरह खुलकर हंसने का सिर्फ सपना ही देख पाता था। विक्रम की बंद किस्मत का ताला तब खुला जब शासन का चिरायु दल आंगनवाड़ी जांच के लिए तारागांव पहुंचा। जांच के दौरान दल के सदस्यों ने न केवल विक्रम की स्थिति का सटीक निदान किया, बल्कि उसके पिता नरसिंग कश्यप को बेहतर उपचार का भरोसा भी दिलाया। शुरुआत में परिवार के मन में कई आशंकाएं थीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संवेदनशीलता और निरंतर संवाद ने उन्हें ऑपरेशन के लिए राजी कर लिया।

    खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लोहण्डीगुड़ा जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र प्रबंधक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जगदलपुर के कुशल मार्गदर्शन में विक्रम को बेहतर इलाज के लिए राजधानी रायपुर के मेडिशाइन अस्पताल ले जाया गया। रायपुर के अस्पताल में विशेषज्ञ शल्य चिकित्सकों की टीम ने विक्रम का सफल ऑपरेशन किया, जिसने उसके फटे-होंठ और तालु को नया रूप दे दिया। कुछ ही हफ्तों के भीतर जब विक्रम वापस अपने गांव तारागांव लौटा, तो वहां का नजारा ही बदल गया था। वह शर्मीला बालक जो कभी अपना चेहरा ढककर चलता था, अब एक आत्मविश्वासी बच्चे के रूप में सबके सामने था।

    खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लोहण्डीगुड़ा जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र प्रबंधक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जगदलपुर के कुशल मार्गदर्शन में विक्रम को बेहतर इलाज के लिए राजधानी रायपुर के मेडिशाइन अस्पताल ले जाया गया। रायपुर के अस्पताल में विशेषज्ञ शल्य चिकित्सकों की टीम ने विक्रम का सफल ऑपरेशन किया, जिसने उसके फटे-होंठ और तालु को नया रूप दे दिया। कुछ ही हफ्तों के भीतर जब विक्रम वापस अपने गांव तारागांव लौटा, तो वहां का नजारा ही बदल गया था। वह शर्मीला बालक जो कभी अपना चेहरा ढककर चलता था, अब एक आत्मविश्वासी बच्चे के रूप में सबके सामने था।

  • CG : साड़ी से फंदा बनाकर झूले 2 दोस्त, पेड़ में लटक रही थी लाशें …

    रायगढ़। जिले में 2 दोस्तों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों ने बर्थडे पार्टी में जमकर शराब पी। इसके बाद दोनों ने एक ही साड़ी के अलग-अलग छोर में फांसी लगाकर जान दे दी।मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है। मृतकों की पहचान तेतला के रहने वाले दीपक बरैठ (20) और कटंगपाली के रहने वाले शिवशरण र्स (21) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दीपक का जन्मदिन सोमवार को था। दरअसल, शिवशरण मैकेनिक का काम करता था। जबकि दीपक मजदूरी करता था।

    दीपक का बर्थडे था। ऐसे में दीपक अपने दोस्त लाभों के साथ पहले शिवशरण गया। इसके बाद तीनों वापस चिखली आए। लाभों अपने घर लौट गया। दीपक बाइक घर में छोड़कर बाहर निकला और शिवशरण के साथ पार्टी मनाने चिखली बाजार पहुंचा। जहां दोनों ने शराब पी। फिर शासकीय माध्यमिक शाला के परिसर में बबूल के पेड़ पर दोनों ने फांसी लगा ली।

    सुबह ग्रामीणों ने दोनों शव फांसी पर लटके देखे। जिसके बाद फौरान पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को फंदे से उतारा और पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। हालांकि, सुसाइड की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मौके से पुलिस ने शराब की बोतल बरामद की है। इसके अवाला युवकों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।

  • CG : कम्प्यूटर कोचिंग से भविष्य सँवार रहीं हैं प्रियंका …

    रायपुर : कम्प्यूटर कोचिंग के माध्यम से आज के डिजिटल युग में अपने भविष्य को सँवारना एक अत्यंत व्यावहारिक निर्णय है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर विकास जैसे क्षेत्रों में उच्च-वेतन वाली नौकरियों के द्वार खोलता है। 

             बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत पंडरीपानी निवासी युवती प्रियंका मंडल ने अपने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर न केवल आत्मनिर्भर बनने का उदाहरण प्रस्तुत किया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम  योजना का लाभ लेकर उन्होंने अपना कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर स्थापित किया है। प्रियंका मंडल के परिवार में माता-पिता तथा भाई-भाभी सहित कुल 5 सदस्य हैं। प्रियंका की शैक्षणिक योग्यता स्नातकोत्तर है। प्रियंका बताती हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जीवन-यापन के लिए संविदा के रूप में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रही थीं। उन्हें शुरू से ही कम्प्यूटर के क्षेत्र में गहरी रुचि थी और वे कुछ अलग करने की महत्वाकांक्षा रखती थीं। 

            प्रियंका ने देखा कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों के कई बच्चे कम्प्यूटर सीखना चाहते हैं, लेकिन दूर स्थित शहरों तक आने-जाने में होने वाली परेशानी और अधिक खर्च के कारण वे कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को देखते हुए प्रियंका ने ग्रामीण बच्चों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया, लेकिन उनकी इस इच्छा में उनकी आर्थिक स्थिति आड़े आ रही थी।

           प्रियंका को अपने एक मित्र के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दस्तावेज जमा कर ऋण के लिए आवेदन किया। योजना के तहत उनका “कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर” संबंधी प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक पण्डरीपानी शाखा को प्रेषित किया गया। बैंक द्वारा 20 जून 2025 को उन्हें 7 लाख रुपये का ऋण प्रदाय किया गया।

             प्रियंका ने बताया कि आज उनके कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर को संचालित हुए लगभग 9 माह हो चुके हैं। इस दौरान उनके सेंटर से 20 विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही उन्होंने अपने संस्थान के माध्यम से तीन युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। प्रियंका नियमित रूप से अपने ऋण की किस्तों का भुगतान भी कर रही हैं।

    प्रियंका मंडल की यह पहल न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि बस्तर के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय कदम भी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सही दिशा और योजनाओं का लाभ मिले तो युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

           प्रियंका ने बताया कि स्नातकों को मजबूत सॉफ्टवेयर कौशल विकसित करने, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपने ज्ञान को बढ़ाने, नवीनतम रुझानों से अवगत रहने और कार्यशालाओं और सेमिनारों में भाग लेने की आवश्यकता है ताकि वे अपने क्षेत्र में प्रासंगिक बने रहें, जो उनके पेशेवर विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

  • CG : ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या निदान हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त …

    बलौदाबाजार :   ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था बनाये रखने हेतु  जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्ति कर उनका  सम्पर्क नम्बर जारी किया गया है।जिले के किसी भी ग्राम में पेयजल की समस्या होने पर अथवा ग्राम में हेण्डपम्प खराब हो जाने पर दिये गये नम्बरों पर शिकायत दर्ज कर सकते है। इसके अलावा टोल फ्री न 1800-233-0008 पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    जिला स्तर पर सहायक अभियंता आर के ध्रुव, सहायक ग्रेड- 3 दीपक कुरुवंशी मोबाइल नंबर +91-9810395246, हैण्डपंप तकनीशियन सुरेन्द्र कुमार मोबाइल नंबर  +91-8349062667, विकासखंड बलौदाबाजार अंतर्गत उप-अभियंता कलीराम पैकरा मोबाइल नम्बर +91-9826136821, विकासखंड पलारी उप-अभियंता संदीप लारेंस मोबाइल नम्बर +91-7987000945, विकासखंड भाटापारा सहायक अभियंता रीना सिंह  मोबाइल नम्बर +91-7223945588, विकासखंड सिमगा सहायक अभियंता के. एल. देवांगन मोबाइल नम्बर +91-9826209612 विकासखंड कसडोल सहायक अभियंता मनोज दाखोडे मोबाइल नम्बर +91-8109200800 से संपर्क किया जा सकता है।

  • CG : बस्तर जिला प्रशासन की जन चौपाल अब बास्तानार में …

    जगदलपुर : जिले में अब जिला प्रशासन ने बास्तानार विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में जन चौपाल लगाने की तैयारी पूरी कर ली है। पूर्व में लोहंडीगुड़ा और बकावंड विकासखंडों में सफल आयोजनों के बाद अब यह जन चौपाल बास्तानार विकास खण्ड के ग्राम पंचायतों में आयोजित की जाएंगी।

        कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार आगामी 12 मार्च को बास्तानार की 34 ग्राम पंचायतों में नोडल अधिकारियों को दायित्व सौंपी गई है, जो सुबह 10 बजे से ही अपने आवंटित ग्राम पंचायत क्षेत्रों में भ्रमण कर मूलभूत सुविधाओं एवं विकास कार्यों का जायजा लेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे सामाजिक सहायता कार्यक्रम, राष्ट्रीय टीकाकरण, मध्यान्ह भोजन, पूरक पोषण आहार, हर घर नल-जल और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन का गहन निरीक्षण करना है।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारी न केवल स्कूलों, आंगनबाड़ियों, उचित मूल्य की दुकानों और स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा करेंगे, बल्कि वहां दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता, दवाइयों की उपलब्धता और साफ-सफाई का भी विशेष जायजा लेंगे। व्यवस्था को पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने के लिए यह निर्धारित किया गया है कि निरीक्षण के पश्चात दोपहर 02 बजे पंचायत नोडल अधिकारी ग्राम पंचायत भवन में ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा करेंगे।  

        दिन भर की गतिविधियों और प्राप्त फीडबैक की गंभीरता को देखते हुए, उसी दिन शाम 04.30 बजे जनपद पंचायत मुख्यालय में कलेक्टर द्वारा समीक्षा बैठक ली जाएगी, जिसमें सभी नोडल अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इस वृहद अभियान के लिए जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित प्रपत्र में अपनी रिपोर्ट जिला पंचायत की शिकायत शाखा में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।

  • CG : प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से साकार हुआ सपना, प्रियंका मंडल ने खोला कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर …

    जगदलपुर : जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत पंडरीपानी निवासी युवती प्रियंका मंडल ने अपने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर न केवल आत्मनिर्भर बनने का उदाहरण प्रस्तुत किया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम  योजना का लाभ लेकर उन्होंने अपना कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर स्थापित किया है।

    प्रियंका मंडल के परिवार में माता-पिता तथा भाई-भाभी सहित कुल 5 सदस्य हैं। प्रियंका की शैक्षणिक योग्यता स्नातकोत्तर है। प्रियंका बताती हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जीवन-यापन के लिए संविदा के रूप में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रही थीं। उन्हें शुरू से ही कम्प्यूटर के क्षेत्र में गहरी रुचि थी और वे कुछ अलग करने की महत्वाकांक्षा रखती थीं।

    उसने देखा कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों के कई बच्चे कम्प्यूटर सीखना चाहते हैं, लेकिन दूर स्थित शहरों तक आने-जाने में होने वाली परेशानी और अधिक खर्च के कारण वे कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को देखते हुए प्रियंका ने ग्रामीण बच्चों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया, लेकिन उनकी इस इच्छा में उनकी आर्थिक स्थिति आड़े आ रही थी। इसी दौरान उन्हें अपने एक मित्र के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी मिली।

    उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दस्तावेज जमा कर ऋण के लिए आवेदन किया। योजना के तहत उनका “कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर” संबंधी प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक पण्डरीपानी शाखा को प्रेषित किया गया। बैंक द्वारा 20 जून 2025 को उन्हें 7 लाख रुपये का ऋण प्रदाय किया गया।

               प्रियंका ने बताया कि आज उनके कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर को संचालित हुए लगभग 9 माह हो चुके हैं। इस दौरान उनके सेंटर से 20 विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही उन्होंने अपने संस्थान के माध्यम से तीन युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। प्रियंका नियमित रूप से अपने ऋण की किस्तों का भुगतान भी कर रही हैं।

    प्रियंका मंडल की यह पहल न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि बस्तर के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय कदम भी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सही दिशा और योजनाओं का लाभ मिले तो युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

  • CG : संयुक्त टीम ने 10 हजार रुपए से अधिक की देशी मदिरा किया जब्त…

    संयुक्त टीम ने 10 हजार रुपए से अधिक की देशी मदिरा किया जब्तबलौदाबाजार : आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दो प्रकरणों में 10900 रुपए मूल्य के 19.62 बल्क लीटर देशी मदिरा जब्त किया गया।

    प्राप्त जानकारी के. अनुसार ग्राम सुंदरी (स) में आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के कब्जे से देशी मदिरा के 84 पाव कुल 15.12 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 8,400/- रूपये होना पाया गया। इसी प्रकार आरोपी सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के कब्जे से 25 पाव देशी मदिरा मसाला कुल 4.5 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 2,500 रूपये होना पाया गया। कुल दोनो प्रकरणों की जप्ती 19.62 बल्क लीटर है एवं बाजार मूल्य 10,900/- रूपये है।

    आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (2) 59 (क) एवं आरोपिया सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के विरूद्ध 34 (1) ख का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया।

     कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक दिनेश कुमार साहू, पी. माधव राव, पुलिस बल में विष्णु खटकर, भानु एवं नगर सैनिक कमल वर्मा, दुर्गेश्वरी कुर्रे, राजकुमारी पैकरा शामिल रहे।

  • CG : राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन संपन्न …

    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला कर्मचारियों का सम्मान

    बिलासपुर : राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन एक निजी होटल में संपन्न हुआ। अधिवेशन में संगठन की मजबूती, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और डाक विभाग की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डाक कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

          अधिवेशन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि संघ का पिछला द्विवार्षिक अधिवेशन 17 दिसंबर 2023 को बिलासपुर में आयोजित किया गया था, जबकि राष्ट्रीय स्तर का अधिवेशन 9 से 10 जून 2024 को उज्जैन में संपन्न हुआ था। इन अधिवेशनों में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, संगठन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई थी। कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि डाक विभाग के कर्मचारी सीमित संसाधनों और कई प्रकार की चुनौतियों के बावजूद पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।

    तकनीकी समस्याएं, कार्यभार की अधिकता, कर्मचारियों की कमी और बदलते कार्य स्वरूप के बावजूद भी डाक कर्मचारी प्रशासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि डाक विभाग आज भी देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

         इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम को विशेष रूप से महिलाओं को समर्पित किया गया। महिला कर्मचारियों ने केक काटकर महिला दिवस का उत्सव मनाया और उत्कृष्ट योगदान के लिए महिला कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान महिला कर्मचारियों की भूमिका, उनके कार्य के प्रति समर्पण और संगठन में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई।

       कार्यक्रम में बी. एस. राव, सुषमा वर्मा और एन. डी. लाल सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल संगठन का संचालन करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि संगठन कर्मचारियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए भी निरंतर प्रयास करता है। साथ ही डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी संगठन का प्रमुख लक्ष्य है।

  • CG : जिला सूरजपुर न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन – नारी शक्ति का हुआ सम्मान …

    सूरजपुर : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय सूरजपुर में नारी शक्ति के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन उन महिलाओं को समर्पित रहा जिन्होंने न्याय और समाज की बेहतरी में अपना अमूल्य योगदान दिया है।
    कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:-
    अध्यक्षता: कार्यक्रम का सफल संचालन प्रज्ञा पचौरी एवं विनीता वार्नर के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में सुश्री पायल टोपनो, रूचि मिश्रा एवं कुमारी हिमांशी सराफ सहित बड़ी संख्या में महिला अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे।
    प्रेरक संबोधन:-
    न्यायाधीशों ने अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश और समाज को सही दिशा दिखाने में नारी शक्ति की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हमें उन सभी वीरांगनाओं और व्यक्तित्वों को याद रखना चाहिए जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की राह प्रशस्त की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें न्याय के क्षेत्र में और अधिक सशक्त होने के लिए प्रेरित किया।
    सम्मान समारोह:-
                      इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महिला न्यायाधीशों, वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं एवं वरिष्ठ पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को न्यायाधीशों के कर-कमलों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और समाज के प्रति अटूट सेवा भाव का प्रतीक है।

  • CG : सिद्धबाबा जलाशय एवं टोहेमेटा एनीकट निर्माण कार्य के लिए 8.54 करोड़ रुपए स्वीकृत …

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा गरियाबंद जिले की दो सिंचाई योजना के लिए 8 करोड़ 54 लाख 71 हजार रुपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड-छुरा की सिद्धबाबा जलाशय का निर्माण (जीर्णोद्धार) कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत 350 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।

    इसी तरह से विकासखण्ड-मैनपुर की टोहेमेटा में एनीकट निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 56 लाख 36 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के निर्माण से निस्तारी, पेयजल, भू-जल संवर्धन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 55 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।