राजनांदगांव : संत साधराम को याद कर उनके सेवा व समाज कल्याण कार्य को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प…
राजनांदगांव , सिंधी समाज के संत साधराम साहब जो हिंद सिंध के लाखों लोगों के विश्वस्तरीय शिरोमणि संत व आध्यात्मिक पथ प्रदर्शक थे, उन्होंने 20 मई को सिंगापुर में अंतिम सांसें लीं। उनके प्रति लाखों श्रद्धालुओं का अगाध श्रद्धा व प्रेम के कारण पूरे देश के सिंधी समाज में शोक की लहर छा गई। गुरुवार को उनके अंतिम दर्शन करने के लिए पूरे देश व पाकिस्तान में हिंदू समाज के भक्तजन संत रामधाम रहड़की साहब में शामिल हुए। सच्चो सतराम का संदेश विश्व में फैलाने वाले संत साधराम ने अपना संपूर्ण जीवन अध्यात्म, मानवता, सेवा, प्रेम, करुणा व समाज कल्याण के लिए समर्पित किया। जिसके कारण भारत व पाकिस्तान के प्रत्येक जिले में मंदिर रूपी सेवा के धाम स्थापित है।
संत सतराम धाम राजनांदगांव के सेवादार मन्नुमल मोटलानी, दौलत रामचंदानी, हरीश मोटलानी तथा पूज्य सिंधी पंचायत हेमू कालाणी नगर के वरिष्ठ सलाहाकार आवतराम तेजवानी, अर्जुनदास पंजवानी ने बताया कि गुरुवार को राजनांदगांव सिंधी समाज के द्वारा सुबह 10 से 12 बजे तक अपने-अपने प्रतिष्ठानें बंद रखी। सिंधी कॉलोनी गली नंबर तीन स्थित झंडा साहेब में समाज व संत के श्रद्धालुओं के द्वारा साईं संत साधराम के अंतिम दर्शन का सीधा प्रसारण बड़ी स्क्रीन पर किए। इस दौरान भजन कीर्तन व सत्संग के माध्यम से आध्यात्मिक संत की वाणी को श्रवण कर आत्मसात किया। झंडा साहेब में वासुदेव मोटलानी, दिलीप लालवानी व सुरेश लालवानी, अशोक माखीजा, राजा माखीजा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग व संत के अनुयायी मौजूद थे।
57 श्रद्धालुओं द्वारा केश लोचन भी कराया गया शहर सहित देश-विदेशों में संत साधराम साहब के प्रति अगाध प्रेम, श्रद्धा थी। श्रद्धालु उनकी एक-एक वाणी को आत्मसात किया। अचानक के देवलोक गमन की जानकारी होने पर उनके अनुयायियों को दुख हुआ। संत के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए शहर के 57 श्रद्धालुओं ने सामूहिक केश लोचन कराया। इसके बाद झंडा साहेब में संत के अंतिम दर्शन का लाइव प्रसारण देखा और नमन किया।



