
Milk Price Hike 2026: इस राज्य में 1 जून से बढ़ने जा रहे दूध की कीमत, जाने कितनी होगी बढ़ोतरी ?
Milk Price Hike 2026: केरल की प्रमुख सहकारी डेयरी कंपनी, केरल कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन जिसे आमतौर पर ‘मिल्मा’ के नाम से जाना जाता है ने पूरे राज्य में दूध की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 1 जून से दूध की कीमत में ₹4 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जाएगी। यह फैसला बुधवार को हुई कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया। मिल्मा ने बताया कि हाल के दिनों में दूध के उत्पादन, परिवहन और वितरण से जुड़ी लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही, डेयरी किसानों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। इन परिस्थितियों को देखते हुए, कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी लागू करने का फैसला किया।
Milk Price Hike 2026: किसानों को मिलेगा सबसे ज़्यादा फायदा
मिल्मा के चेयरमैन के.एस. मणि ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि कीमतों में हुई बढ़ोतरी का सबसे बड़ा हिस्सा डेयरी किसानों को दिया जाएगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि चूंकि मिल्मा किसानों का ही एक संगठन है, इसलिए उनकी आय बढ़ाना इसकी सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने आगे बताया कि ₹4 की बढ़ोतरी में से ₹3.35 सीधे किसानों को मिलेंगे। इसका मतलब है कि कुल बढ़ोतरी का लगभग 83.75 प्रतिशत हिस्सा किसानों को मिलेगा। इसके अलावा, डेयरी सहकारी समितियों को 25 पैसे प्रति लीटर मिलेंगे। बाकी बचा हुआ हिस्सा वितरण और बिक्री नेटवर्क से जुड़े लोगों को दिया जाएगा।
Milk Price Hike 2026: खरीद मूल्य में भी बढ़ोतरी
नई मूल्य संरचना लागू होने के साथ ही, किसानों से दूध खरीदने की दर में भी बढ़ोतरी होगी। फिलहाल, किसानों को उनके दूध के लिए ₹40.04 प्रति लीटर मिलते हैं; लेकिन 1 जून से यह दर बढ़कर ₹43.39 प्रति लीटर हो जाएगी। मिल्मा के प्रबंधन ने बताया कि कंपनी इस बढ़ोतरी का बहुत ही कम हिस्सा अपने पास रख रही है, ताकि किसानों के हिस्से में कोई कमी न आए। कंपनी का मुख्य उद्देश्य डेयरी क्षेत्र को मज़बूत बनाना और किसानों को आर्थिक राहत पहुंचाना है।
Milk Price Hike 2026: कीमतों में बढ़ोतरी क्यों ज़रूरी थी?
मिल्मा के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से डेयरी क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उत्पादन लागत में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है, जबकि किसानों को मुनाफे का उचित हिस्सा नहीं मिल पा रहा था। नतीजतन, कई किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए थे। कंपनी ने यह भी बताया कि इस साल केरल के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ी, जिससे सूखे जैसे हालात पैदा हो गए। इसका असर पशुओं के चारे और दूध के उत्पादन पर पड़ा है। गर्मी की वजह से दूध का उत्पादन कम हो गया है, जबकि काम-काज का खर्च बढ़ गया है।
Milk Price Hike 2026: दूसरे राज्यों से दूध खरीदना
मिल्मा ने यह भी कहा है कि राज्य के भीतर स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए, अभी पड़ोसी राज्यों से दूध खरीदना ज़रूरी हो गया है। राज्य के बाहर से खरीदे गए दूध की कीमत पिछले स्तरों की तुलना में काफी बढ़ गई है। इससे कंपनी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। इसके अलावा, पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन और वितरण का खर्च भी बढ़ गया है। गांवों से शहरों तक दूध पहुंचाने और बाज़ार में इसकी लगातार आपूर्ति बनाए रखने में अब ज़्यादा खर्च आ रहा है।
Milk Price Hike 2026: उपभोक्ताओं पर असर
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। दूध जो हर घर की रोज़मर्रा की ज़रूरत है अब और महंगा हो जाएगा। इसके अलावा, चाय, कॉफी, मिठाइयों और दूध से बने अन्य उत्पादों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, मिल्मा का कहना है कि यह फैसला डेयरी किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने और राज्य के भीतर दूध का उत्पादन जारी रखने के लिए मजबूरी में लिया गया है। कंपनी का मानना है कि अगर किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिला, तो भविष्य में दूध के उत्पादन पर और भी गंभीर असर पड़ सकता है।
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Milk Price Hike 2026: डेयरी क्षेत्र को बचाने के प्रयास
जानकारों का मानना है कि डेयरी उद्योग इस समय काम-काज के बढ़ते खर्च और खराब मौसम की वजह से पैदा हुई कई चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में, किसानों को बेहतर मेहनताना देना बेहद ज़रूरी हो गया है। मिल्मा के इस फैसले को किसानों को राहत देने और डेयरी क्षेत्र को मज़बूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।



