छत्तीसगढ़बिलासपुर जिला

CG : ऑनलाइन लूडो और आईपीएल सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, सरगना समेत 7 गिरफ्तार …

बिलासपुर। जिले के सकरी थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन लूडो गेम और आईपीएल क्रिकेट मैचों पर अवैध सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई में गिरोह का सरगना राहुल छाबड़ा भी गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में 2 करोड़ रुपये से अधिक के सट्टे के लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस ने यह कार्रवाई ओम स्पेस कॉलोनी, सकरी स्थित एक किराए के मकान में की, जहां आरोपियों ने एक हाईटेक कंट्रोल रूम बना रखा था। यहां से पूरे नेटवर्क को ऑनलाइन तरीके से संचालित किया जा रहा था। पुलिस को यहां से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश के सागर, बालाघाट और कटनी जिलों से युवकों को बुलाकर उन्हें इस अवैध कारोबार में शामिल करता था। इन युवकों को हर महीने 30-30 हजार रुपये वेतन और रहने-खाने की सुविधा दी जाती थी। इसके बदले में वे ऑनलाइन गेमिंग और आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाने का काम करते थे। इस पूरे रैकेट का खुलासा किसी मुखबिर की सूचना से नहीं, बल्कि पुलिस की सतर्कता से हुआ। कॉलोनी में रह रहे कुछ बाहरी युवकों की गतिविधियों पर पुलिस को संदेह हुआ था। ये युवक लंबे समय से एक ही मकान में रह रहे थे और दिन के समय बाहर नहीं निकलते थे। रात में घर के अंदर लगातार मोबाइल फोन की घंटियां बजना और लैपटॉप की स्क्रीन लाइट जलती देखी गई, जिससे पुलिस को शक गहराया।

इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी शुरू की। इंटरनेट डेटा और मोबाइल लोकेशन की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि एक ही स्थान से कई डिवाइस सक्रिय हैं। इस जानकारी के आधार पर सकरी पुलिस और एसीसीयू (ACC-U) टीम ने संयुक्त रूप से आधी रात को छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 21 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 13 एटीएम कार्ड, 8 बैंक पासबुक और एक क्रेटा कार (MP 18 ZB 8565) जब्त की है। इसके अलावा सट्टा संचालन से जुड़े कई डिजिटल रिकॉर्ड भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में राहुल छाबड़ा (30), ओमप्रकाश नागवानी, आशीष सोमानी, कैलाश चावला, विजय नागवानी, दिनेश लालवानी और एक नाबालिग शामिल है। सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ था। प्रारंभिक जांच में दिल्ली कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस को बाबू सिंधी और टोनी नाम के व्यक्तियों से लिंक की जानकारी मिली है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप के डाटा की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इससे पूरे नेटवर्क, फंड ट्रांजेक्शन और अन्य सहयोगियों की पहचान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक संगठित डिजिटल सट्टा रैकेट है, जो तकनीक का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क के बड़े संचालकों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह के जरिए कितनी बड़ी राशि का लेनदेन हुआ है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस घटना के बाद शहर में ऑनलाइन सट्टा और जुआ गतिविधियों को लेकर पुलिस ने और सख्ती बढ़ा दी है। अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क पर और कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन सट्टा या अवैध गेमिंग गतिविधियों से दूर रहें और यदि ऐसी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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