छत्तीसगढ़बलौदाबाजार ज़िला

CG : किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की हुई सजा …

By kadwaghut|10 Mar 2026, 11:40 AM
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बलौदाबाजार। भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश भाटापारा सतीश कुमार जायसवाल की अदालत ने आरोपी किशोर वर्मा उर्फ दरुहा को 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।

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विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने बताया कि मामला थाना भाटापारा ग्रामीण का है, जहां पीड़िता के भाई ने 02.04.2024 को थाने में उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बहन 01.04.2024 को दोपहर 3:30 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई है। आसपास एवं रिश्तेदारों में पता करने पर भी उसका कोई पता नहीं चला। उसकी नाबालिग बहन को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की आशंका जताई गई।

उक्त रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान 12.09.2024 को पीड़िता एवं आरोपी को परिजनों द्वारा थाने लाकर पेश किया गया। पीड़िता से पूछताछ करने पर उसने बताया कि आरोपी किशोर वर्मा, निवासी ग्राम इटई, थाना नांदघाट, जिला बेमेतरा, उससे प्यार करता था और शादी करने का झांसा देकर बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ इंदौर ले गया।

वहाँ उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई। कुछ समय बाद उसका गर्भपात हो गया। आरोपी उसे इंदौर से भोपाल अपने दीदी-जीजा के यहां ले गया, जहां से उसने अपने माता-पिता को फोन कर इसकी जानकारी दी। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी उससे मारपीट भी करता था। बाद में उसके पिता और भाई उसे भोपाल से भाटापारा लेकर आए।

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विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर गवाहों के कथन लेखबद्ध किए गए तथा मुलाहिजा, जब्ती आदि की कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध चालान पेश किया गया। विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने न्यायालय के समक्ष सभी गवाहों के कथन प्रस्तुत कर अंतिम बहस में ऐसे गंभीर अपराध के लिए आरोपी को कठोर दंड देने की मांग की। विशेष न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल ने प्रकरण की गंभीरता एवं साक्ष्यों के परिशीलन के बाद आरोपी द्वारा किया गया अपराध सिद्ध पाया।

अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी को भा.दं.सं. की धारा 363 के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹100 के अर्थदंड, धारा 366 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया है। सभी सजाएं साथ-साथ भुगताए जाने का आदेश दिया गया है। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने की, जबकि प्रकरण की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक पुष्पा राठौर द्वारा की गई।

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