कोरबा जिलाप्रदेश

कोरबा : सभी निजी चिकित्सालय और नर्सिंग होम नियमित रूप से संचालित करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण देश भर में लागू लाॅक डाउन के दौरान सभी संस्थान प्रतिष्ठान बंद रखे गये हैं। इस स्थिति में आम जनता को चिकित्सकीय सलाह के लिए असुविधा न हो इसके लिए जिले के सभी निजी चिकित्सालय, नर्सिंग होम का नियमित संचालन करने के लिए कलेक्टर ने निजी चिकित्सक तथा नर्सिंग होम संचालको को कलेक्टर सभागार में आयोजित बैठक में निर्देश दिए। बैठक में एडीएम श्री संजय अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका महोबिया, सीएमएचओ डा. बी.बी.बोडे सहित जिले के निजी अस्पतालों के डाक्टर भी मौजूद रहे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि लाॅक डाउन के दौरान आम जनता को चिकित्सीय सुविधाएं निरंतर मिलती रहे इसके लिए अस्पतालों एवं नर्सिंग होम का संचालन किया जाना आवश्यक है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने कहा कि मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देने के लिए  टेलीफोन, मोबाईल फोन के माध्यम से अलग-अलग समय दिया जाये, जिससे मरीजों के अस्पताल में आने पर चिकित्सकीय परामर्श, जांच तत्काल उपलब्ध हो सके और मरीजों की अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके। अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ एक से ज्यादा व्यक्ति अटेंडेंट या परिजन न रहें जिससे अनावश्यक भीड़ न बढ़े और सोशल और फिजिकल डिस्टेसिंग के नियम का पालन हो सके।

      बैठक में कलेक्टर श्रीमती कौशल ने कहा कि अस्पताल संचालन के दौरान यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि आने वाले सभी मरीज सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें। उन्होंने अस्पताल के सभी कमरे और परिसर को नियमित रूप से एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराईड से सेनेटाईज कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मरीजों से भी अपील की कि वे उपचार के दौरान डाक्टरों और मेडिकल टीम की सुरक्षा संबंधी मापदण्डों का अनिवार्य रूप से पालन करें। श्रीमती कौशल ने चिकित्सकों को कहा कि सर्दी, खांसी, और बुखार वाले मरीजों के लिए अलग से फीवर क्लीनिक बनायें और उनका ईलाज सामान्य मरीजों से अलग तरीके से करें तथा अस्पताल में अलग से वार्ड या कमरा तय कर कोरोना के संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों को रखें। कलेक्टर ने कोरोना वायरस के कारण वर्तमान हालात में अस्पतालों में सामान्य मरीज और कोरोना संदिग्ध मरीजों को अलग-अलग परामर्श देने की सुविधा प्रदान करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित किया कि अस्पताल में मरीजों के प्रवेश और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी द्वार बनायें जायें। कलेक्टर ने अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को कोरोना के संदिग्ध मानकर किसी भी मरीज से भेदभाव न करने और आपातकालीन स्थिति वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका गंभीरता से ईलाज करने की अपील निजी अस्पताल, नर्सिंग होम संचालकों से की। कलेक्टर ने मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों से भी अपील की कि अस्पताल परिसर में गंदगी न फेलायंे, यहां वहां न थूकें तथा अनावश्यक भीड़ न बढ़ावें। कलेक्टर श्रीमती कौशल ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को लाने-ले जाने के लिए उपयोग में आने वाले वाहन को स्थिति को देखते हुए अनुमति प्रदान की जायेगी जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचने में असुविधा न हो

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