राजनांदगांव शहर में सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए मुहिम शुरू की गई। लेकिन छोटी-छोटी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने औपचारिकता पूरी कर दी है। जिन हिस्सों में अतिक्रमण की सबसे अधिक शिकायतें और समस्या है। वहां अब तक प्रशासनिक टीम नहीं पहुंच सकी है।
अतिक्रमण से सबसे अधिक दिक्कत सर्विस रोड में हो रही है। सर्विस रोड के फुटपाथ में दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। इसके चलते पैदल चलने वालों के लिए जगह ही शेष नहीं बची है। इसके अलावा सर्विस रोड में धड़ल्ले से लोडिंग-अनलोडिंग का काम किसी भी समय हो रहा है। इससे भी जाम की स्थिति बन रही है। दुकानदार सड़कों तक सामान फैलाकर रख रहे हैं। गुड़ाखू लाइन इलाके में निगम की टीम समझाइश देकर लौट गई। टीम के लौटने के बाद स्थिति जस की तस हो गई है। दुकानों का सामान सड़क पर बिखरा हुआ है। । निगम आयुक्त अभिषेक गुप्ता ने बताया कि व्यापारियों को सड़क से सामान और कब्जा हटाने नोटिस भेजा है। एक टीम भी बनी है जो पहले समझाइश देगी, कब्जा नहीं हटा तो अतिक्रमण हटाने कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में सत्ता परिवर्तन होते ही मोहारा, रेवाडीह, पेंड्री मेडिकल कॉलेज के सामने से अतिक्रमण हटाया गया था। इसके बाद अभियान थम गया। निगम की टीम पुलिस के साथ गुड़ाखू लाइन पहुंची और व्यापारियों को सड़क से सामान और कब्जा हटाने की समझाइश दी है। गुड़ाखू लाइन, हलवाई लाइन, महावीर चौक से मानव मंदिर चौक, सदर लाइन, गोल बाजार में सड़कों तक दुकानदारी चल रही है। स्टेशन रोड का यही हाल है। सर्विस लेन पर महावीर चौक से पोस्ट ऑफिस चौक तक अव्यवस्था है।
चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात नहीं शहर की सड़कों, चौराहों एवं सर्विस लेन में जाम लगता रहता है। कई सड़के, मोड़ एवं चौराहे डेंजर जोन बन चुके है। लोगों की मांग के बाद भी ट्रैफिक सिग्नल नहीं लगे और नहीं ट्रैफिक पुलिस को तैनात किया गया। दिनभर जाम लगने के साथ लगातार हादसे भी हो रहें है। शहर में लगातार हो रहे हादसों को ध्यान में रख शहर की सामाजिक संस्थाओं एवं पार्षदों ने डेंजर जोन में ट्रैफिक सिग्नल लगाने के साथ ही वहां ट्रैफिक पुलिस की तैनाती करने की कई बार मांग की लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी।