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छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिलाराज्‍य

क्लास में नियमों का पालन, बाहर संक्रमण का खतरा

राजनांदगांव . ऑनलाइन को आफलाइन कर राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्कूलों का संचालन तो शुरू करा दिया है, लेकिन स्कूलों में दिशा-निर्देशों का पालन ही नहीं किया जा रहा है। क्लास में ही बच्चें मास्क और शारीरिक दूरी का पालन नहीं करते देखे जा सकते हैं, पर क्लास रूम के बाहर बच्चे बिना मास्क के ही भीड़ में खड़े हो रहे हैं। इससे स्कूली विद्यार्थियों में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।

तीन दिनों में शहर के युगांतर पब्लिक स्कूल में 24 शिक्षकीय स्टाफ संक्रमित पाए गए हैं, जिसके बाद से शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। शुक्रवार को दुर्ग से संयुक्त संचालक पीके पांडे युगांतर पब्लिक स्कूल में जांच करने पहुंचे। जांच रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई है। रिपोर्ट पर डीईओ एचआर सोम ने बताया कि युगांतर पब्लिक स्कूल के आवासीय परिसर में रहने वाली एक शिक्षिका पॉजिटिव आई थी। उसके संपर्क में आकर 21 शिक्षक व अन्य कर्मी भी संक्रमित हुए हैं। स्कूल का संचालन यहां चालू ही नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों के प्राचार्यों को कोरोना के बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने और कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

कलेक्टर आज लेंगे बीईओ, बीआरसी व सभी प्राचार्यों की बैठक

स्कूल खुलने के बाद की स्थिति की जानकारी लेने शनिवार को कलेक्टर सभी बीईओ, बीआरसी और प्राचार्यों की बैठक लेंगे। बैठक शहर के आडिटोरियम में दोपहर 12 बजे से होगी, जिसमें स्कूलों के अध्यापन के साथ विभिन्ना विषयों की की समीक्षा की जाएगी। डीईओ एचआर सोम ने बताया कि बैठक कलेक्टर टीके वर्मा लेंगे। इसमें विद्यालय प्रारंभ होने की समीक्षा के अलावा आत्मानंद योजना के तहत शुरू किए जा रहे पांच स्कूलों की समीक्षा, फीस समिति, छात्रवृत्ति 2020-21 में संशोधन की जानकारी और नवीन संकुल केंद्रों के संधारण की समीक्षा की जाएगी। डीईओ ने सभी बीईओ, बीआरसी और शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों को निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थिति देने निर्देशित किया है।

शासन को भेजी जांच रिपोर्ट

युगांतर पब्लिक स्कूल के शिक्षक स्टाफ में मिले कोरोना पाजिटिव मरीजों के मामले की शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने जांच की। दुर्ग संभाग से संयुक्त संचालक पीके पांडे के साथ डीईओ एचआर सोम, बीईओ एनके पंचभावे की टीम ने स्कूल में जांच की और रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है। जांच में यह बात सामने आयी है कि युगांतर पब्लिक स्कूल का संचालन शुरू ही नहीं किया गया है। यहां आनलाइन ही क्लास लग रहे हैं। डीईओ सोम ने बताया कि स्कूल पहले दिन से बंद है। यहां शिक्षक स्टॉफ के आवासीय परिसर में रहने वाले शिक्षक और कर्मचारी ही संक्रमित मिले हैं। इनके संपर्क में रहने वाले दो बच्चे भी पाजिटिव हैं। स्कूल बंद ही है। सभी संक्रमितों को मेडिकल टीम ने क्वारंटाइन में रखा है।

प्राचार्यों की अनदेखी पड़ सकती है भारी

शहरी क्षेत्र के लगभग सभी स्कूलों में बच्चें मास्क लगाकर ही स्कूल आ रहे हैं। स्कूलों में सैनिटाइजर का उपयोग भी हो रहा है। क्लास रूम में सामाजिक दूरी का पालन भी सख्ती से करा रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। प्राचार्यों की अनदेखी कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे रही है। ग्रामीण क्षेत्र में क्लास रूम में भी बच्चें सामाजिक दूरी का ठीक तरह से पालन नहीं कर रहे हैं। वहीं छुट्टी के बाद तो बच्चें मास्क निकाल कर ही सहपाठियों के साथ बातें करते चल रहे हैं। स्कूल खुलने से पहले भी बच्चें बिना मास्क के भीड़ में खड़े हो रहे हैं, जो संक्रमण का बढ़ा सकता है।

र्जन

एक शिक्षिका को संक्रमण का पता चलचे ही प्रबंधन ने स्कूल खुलने से पहले ही बाकी सभी शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों की जांच का फैसला किया। उसके बाद 23 की रिपोर्ट पाजिटिव आई। ऐहतियात के तौर पर स्कूल बंद रखा गया है। हालांकि हमने केवल 10वीं व 12वीं की ही कक्षाएं शुरू कराने की तैयारी की थी। अब मार्च के पहले हफ्ते में कक्षाएं लगाएंगे। तब तक सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन पर रहने को कहा गया है। -मधुसूदन नायर, प्राचार्य, युगांतर पब्लिक स्कूल

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