00 मंदिर में ही होंगे जगन्नाथ प्रभु के दर्शन
राजनांदगांव । विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ भगवान की रथ यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को उड़ीसा के जगन्नाथपुरी के साथ ही देशभर के सभी छोटे – बड़े नगरों – ग्रामों में बड़ी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ धूमधाम से निकाली जाती है। हजारों भक्त अपने हाथों से भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को अपने हाथों से खींचते हैं एवं अपनी मनोकामना पूर्ण करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ जी के रथ को दर्शनार्थी भक्त गणों के द्वारा अपने हाथो से खींचे जाने की परंपरा है। इस वर्ष पूरे देश में कोरेना महामारी के चलते संस्कारधानी नगरी में होने वाली रथ यात्रा जो आषाढ़ शुक्ल द्वितीय, 23 जुलाई को आयोजित होनी थी। रथयात्रा को स्थगित कर दिया गया है।
श्री जगन्नाथ मंदिर रथ यात्रा आयोजन समिति के प्रमुख महेश शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं बहन सुभद्रा का अभिषेक पूजन 23 जुलाई को सुबह प्रारंभ होगा। उसके पश्चात भगवान को विधिवत अपने मंदिर में विराजित किया जाएगा। आरती भोग प्रसाद के पश्चात दर्शनार्थी भक्तगण मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर से ही अपने आराध्य देव का दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के अंदर किसी भी भक्त के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। श्री शर्मा ने सभी श्रद्धालु भक्तों से आग्रह किया है कि वर्तमान परिस्थिति में सभी भक्तगण शासन के निर्देशों का पालन करते हुए मंदिर परिसर के बाहर से ही अपने प्रभु का दर्शन कर मनवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं, सभी से सहयोग की अपेक्षा है। श्री शर्मा ने कहा कि सभी भक्तों की मनोकामना भगवान जगन्नाथ पूर्ण करें यही अभिलाषा है।