28 दिसंबर 2025 को क्या है जानिए आज का पंचांग, तिथि, शुभ-अशुभ समय, व्रत-त्योहार और धार्मिक महत्व
28 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद शांत, पवित्र और शुभ माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी का पुण्य संयोग बन रहा है, वहीं शाकम्भरी उत्सव का शुभारंभ भी इसी तिथि से हो रहा है। ऐसे में देवी उपासना, व्रत, दान और साधना के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है, और जब यह दिन देवी दुर्गा की अष्टमी तिथि से जुड़ जाए, तो इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि आज के दिन सच्चे मन से की गई पूजा से घर-परिवार में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
28 दिसंबर 2025 का पंचांग (Aaj Ka Panchang)
- तिथि: शुक्ल पक्ष अष्टमी – दोपहर 12:00 बजे तक
- वार: रविवार
- नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद – सुबह 8:44 बजे तक
- योग: वरीयान – सुबह 10:14 बजे तक
- करण: बव – सुबह 11:56 बजे तक
- अमांत मास: पौष
- पूर्णिमांत मास: पौष
- विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- ऋतु: हेमंत
- आयन: दक्षिणायन
28 दिसंबर 2025 के प्रमुख व्रत और त्योहार
मासिक दुर्गाष्टमी
हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन मां दुर्गा की उपासना के लिए समर्पित होता है। भक्त इस दिन माता के नौ स्वरूपों का ध्यान करते हैं और जीवन से नकारात्मक शक्तियों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। माना जाता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से भय, रोग और बाधाएं समाप्त होती हैं।
शाकम्भरी उत्सव का आरंभ
शाकम्भरी देवी को अन्न, प्रकृति और वनस्पति की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। यह उत्सव विशेष रूप से उन क्षेत्रों में मनाया जाता है जहां शाकम्भरी माता के प्रसिद्ध पीठ हैं। यह पर्व प्रकृति संरक्षण, अन्न दान और समृद्धि का संदेश देता है। मान्यता है कि शाकम्भरी माता की कृपा से कभी अन्न की कमी नहीं होती।
शुभ और अशुभ समय (Shubh-Ashubh Muhurat)
- अभिजीत मुहूर्त: 11:39 AM से 12:21 PM
- राहुकाल: 3:58 PM से 5:18 PM
- गुलिक काल: 2:39 PM से 3:58 PM
- यमघंट काल: 12:00 PM से 1:20 PM
शुभ कार्य अभिजीत मुहूर्त में करना उत्तम माना जाता है, जबकि राहुकाल में नए कार्यों से बचना चाहिए।
सूर्य और चंद्र से जुड़ी जानकारी
- सूर्योदय: सुबह 6:43 बजे
- सूर्यास्त: शाम 5:18 बजे
- चंद्रोदय: दोपहर 12:00 बजे
- चंद्रास्त: रात 12:59 बजे
मासिक दुर्गाष्टमी और शाकम्भरी पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- देवी दुर्गा और शाकम्भरी माता का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- माता को लाल फूल, दीप, धूप और नैवेद्य अर्पित करें।
- दुर्गा चालीसा, सप्तशती या देवी स्तुति का पाठ करें।
- शाम के समय देवी की आरती अवश्य करें।
- जरूरतमंदों को अन्न, गुड़ या वस्त्र का दान करें, यह विशेष पुण्य देता है।
28 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक आस्था रखने वालों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी है। मासिक दुर्गाष्टमी और शाकम्भरी उत्सव के कारण यह तिथि देवी कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर मानी जाती है। इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा न केवल मानसिक शांति देती है, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा भी भर देती है।




