छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

धोखाधड़ी के आरोपों पर दिनेश साहू का बड़ा बयान

“दिनेश साहू का बड़ा बयान: ‘मुझे फंसाकर असली भ्रष्टाचार छुपाया जा रहा’”

राजनांदगांव | हालेकोसा निवासी दिनेश साहू ने अपने उनपर लगाए गए कथित धोखाधड़ी के आरोपों का खंडन करते हुए बयान जारी किया है। उन्होंने अपने विरुद्ध दर्ज प्रकरण को अनर्गल और निराधार बताते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें बिना सूचना दिए या बिना किसी ख़बर के प्राथमिकी दर्ज की है जो अपने आप में पुलिस के संदिग्ध मिलीभगत को दर्शाता है। उन्होंने अपने बयान में शिवपुराण कथा आयोजक दीपचंद रजक और उनके साथियों पर अंबागढ़ चौकी क्षेत्रवासियों से करोड़ो की वसूली का भी आरोप लगाया

दिनेश साहू ने पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी जो इस प्रकार है:

मार्च के मध्य में दीपचंद रजक एवं उनके साथ कुछ लोग उनके छुरिया स्थित व्यापारिक प्रतिष्ठान में पहुंचते है। उनके द्वारा यह आग्रह किया जाता है “चूंकि आपने पूर्व में दो बार अपने ग्राम हालेकोसा (छुरिया) में भव्य और विशाल शिवमहापुराण कराया है उसी तर्ज पर हमें भी अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में कथा करवाना है। आप पूज्य पंडित प्रदीप जी मिश्रा के कृपापात्र और उनके शिष्य है इसलिए आप कथा करवाने में एवं सीहोर से कथा लाने में हमारा सहयोग करें।

मैने तब स्पष्ट रूप में कहा कथा कि तारीखें अभी खाली नहीं मिल सकती अभी गर्मियों में टेंट पंडाल का खर्च ज्यादा आता है। आप लोग ठंड के मौसम में कथा करवाना। लेकिन दीपचंद रजक एवं साथियों द्वारा कहा गया हम पूरी व्यवस्था कर लेंगे आप कथा कि तारीख दिलवा दीजिए। मैने मई में उपलब्ध एक तिथि की जानकारी दी इस शर्त के साथ कि इस कथा के लिए कई यजमान प्रयासरत है जिसमें से एक यजमान रांची से भी है। यदि आप अप्रैल माह के पहले हफ्ते तक टेंट, पंडाल, एलईडी, सजावट, साउंड का 80% हिस्सा पहले जमा कर देंगे तो मैं प्रयास कर सकता हूं, श्री विट्ठलेश सेवा समिति से निवेदन कर सकता हूं कि अंबागढ़ चौकी में कथा हो।

मैने यह भी स्पष्टरूप से कहा कि पैसे के लेन देन में मै शामिल नहीं होऊंगा। जितना भी ट्रांजेक्शन टेंट-पंडाल और अन्य खर्चे होंगे उन्हें अपने खाते से ट्रांसफर करना। इससे लेन देन का सबूत भी होगा और आपकी पूरी समिति के जानकारी में भी रहेगा। लेकिन उक्त लोगों द्वारा कहा गया “इतना बड़ा लेन देन हमने कभी किया नहीं है और सम्बंधित लोगों की पूरी जानकारी भी नहीं है इसलिए लेन देन आप भी करें। मेरे मना करने के बाद भी इन्होंने एक बार पांच लाख और एक बार सोलह लाख रुपए (कुल 21 लाख) जमा किया। इसके बाद मैने एडवांस के रूप में टेंट वाले, एलईडी वाले, साउंड वाले और अन्य लोगों को देना प्रारंभ किया।

इसके पश्चात दीपचंद रजक एवं साथियों द्वारा मुझे कोई भी रुपए नहीं दिया गया। तय समय तक 80% पैसा पहले ही जमा करने के स्पष्ट वादे के बाद भी केवल 20% पैसे ही जमा किए जिसके बाद मैने इन्हें स्पष्ट रूप से बताया चूंकि आप टेंट पंडाल का पैसा तक अरेंज नहीं कर पा रहे इसलिए यह कथा आपके प्रस्तावित मई महीने में होना असंभव है आप लोग पैसे देंगे तो आगे की तारीख मिल सकती है। आगे यह कथा रांची, झारखंड को मिल गई और मैने इसके बाद सीहोर स्थित श्री विट्ठलेश सेवा समिति से कोई बातचीत नहीं की क्योंकि कथा कराने के लिए लिए दीपचंद रजक एवं साथियों के पास पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई।

इसी दौरान मुझे उनके द्वारा शिवमहापुराण कथा के नाम पर दीपचंद रजक एवं साथियों द्वारा करोड़ों की रसीद, क्षेत्र के गांव-गांव, नगर-नगर, राजनांदगांव से लेकर दुर्ग भिलाई तक चंदा काटना, वसूली और उगाही की सूचना मिली। मैने उन्हें ऐसा करने से मना किया इससे कथावाचक पूज्य पंडित प्रदीप जी मिश्रा एवं विट्ठलेश सेवा समिति का नाम खराब होता है। जिसके बाद उन्होंने कथा न कराने का फैसला किया एवं मुझसे जमा 21 लाख रुपए लौटाने को कहा। मैने स्पष्ट शब्दों में कहा मैने तुरंत जहां जहां पैसे एडवांस के रूप में जमा किया है वहां से पैसे वापस मांगकर आपको लौटा देता हूं।

इसी दौरान मेरे बड़े चाचा श्री जोधीलाल साहू जी एवं हमारे परिवार के मुखिया जोधीलाल साहू जी की तबियत बिगड़ी और उनका 4 मई को स्वर्गवास हो गया। मैंने मई के पहले हफ्ते तक इनके रुपए लौटाने का समय मांगा था लेकिन मेरे चाचा के निधन के चलते संभव नहीं हो पाया। इस बीच इन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना एवं मेरे जानकारी के पुलिस के साथ मिलीभगत करके छुरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर दी जो विधिसम्मत नहीं है।

मैने कभी पैसे न लौटाने की बात नहीं कि तो यहां धोखाधड़ी जैसा कोई भी मामला नहीं बनता। बल्कि सबसे बड़ा अपराध दीपचंद एवं साथियों ने किया है जो कथा के नाम पर क्षेत्र की जनता से, दुकानदारों से, व्यापारियों से जनप्रतिनिधियों से करोड़ो की उगाही और वसूली कर चुके है। जनता के सामने जवाबदेही से बचने के लिए सारा ठीकरा मेरे सर फोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जनता के करोड़ों रुपयों को गबन कर गायब कर आप लोगों ने कथा न कराने का फैसला क्यों किया यह भी जनता जानना चाहती है। जगह-जगह हजारों की संख्या में चंदा पर्ची काटना, अनाज, दाल एवं भंडारे के नाम उगाही करके शिवभक्तों के आस्था के साथ खिलवाड़ क्यों किया यह भी जनता जानना चाहती है।

दिनेश साहू ने कहा छुरिया क्षेत्र में दो बार मैने स्वयं परिवार एवं ग्रामवासियों के साथ मिलकर ग्राम हालेकोसा में शिवमहापुराण कथा करवाया, छत्तीसगढ़ में 20 से ज्यादा कथा में मैने आर्थिक सहायता दी ताकि सुचारूपूर्वक कथा संपन्न हो। छत्तीसगढ़ में सनातन धर्म से लोग जुड़े एवं हिन्दू धर्म का प्रचार हो। आज तक इतनी कथाओं भी सेवा दी बिना किसी स्वार्थ और निजी हित को ध्यान में रखते हुए। लेकिन किसी के भी द्वारा इस तरह का अनर्गल आरोप और प्रकरण नहीं लगाए गए लेकिन दीपचंद रजक एवं साथियों द्वारा अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण आरोप लगाया गया है जिसका मै विधिक रूप जवाब दूंगा।

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि “मै क्षेत्र के समस्त शिवभक्तों से अपील अनुरोध करता हूं। अपना प्रेम एवं विश्वास बनाएं रखें। मैने सदैव निस्वार्थ भाव से सनातन धर्म भगवान भोलेनाथ की कृपा को साधारण लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से काम किया है और आगे भी करता रहूंगा। आप सभी का विश्वास ही मेरी प्रेरणा और शक्ति है। अंत में उन्होंने कहा सत्यम शिवम सुंदरम।”

दिनेश साहू
हालेकोसा, छुरिया

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